
38 लाख बैरल ईरानी तेल भी जब्त करने का आरोप
Iran US War Ceasefire, (द भारत ख़बर), तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: ईरान ने अमेरिका पर उसके जहाजों को जब्त करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की शिकायत की है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसके जहाजों को जब्त करके समुद्री डकैती की है। तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चिट्ठी में ईरान ने कहा, अमेरिका ने मैजेस्टिक और टिफनी नाम के जहाजों को कब्जे में लिया और लगभग 38 लाख बैरल ईरानी तेल भी जब्त कर लिया।
उनके मुताबिक यह कदम गैरकानूनी है और यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दखल देने जैसा है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका की यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करती है।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा, अगर ऐसे कदमों को रोका नहीं गया, तो यह एक खतरनाक उदाहरण बन सकता है, जिससे पूरी दुनिया में कानून व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मांग की है कि वह अमेरिका के इस कदम की निंदा करे और इस मुद्दे पर कार्रवाई करे।
ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद
उधर ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह फैसला न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में चल रहे एनपीटी के 11वें रिव्यू कांफ्रेंस में लिया गया। यह कांफ्रेंस 5 साल में एक बार होती है। सम्मेलन के अध्यक्ष और वियतनाम के राजदूत दो हुंग वियेत ने बताया कि ईरान का नाम गुटनिरपेक्ष देशों के ग्रुप की तरफ से आया था। इस ग्रुप में भारत समेत 100 से भी ज्यादा देश हैं।
अमेरिका ने जताया विरोध
अमेरिका के एक अधिकारी क्रिस्टोफर येओ ने इसे एनपीटी के लिए अपमान बताया। उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में उसे इस संगठन का अहम पद देना सही नहीं है। वही ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका, जो खुद परमाणु हथियार इस्तेमाल कर चुका है और लगातार अपने हथियार बढ़ा रहा है, उसे दूसरों को सीख देने का हक नहीं है।
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