
Tamil Nadu Assembly Elections 2026: अभिनेता से नेता बने विजय (जिन्हें लोकप्रिय रूप से थलापति विजय के नाम से जाना जाता है) ने तमिलनाडु की राजनीति में ज़ोरदार एंट्री की है। उनकी पार्टी, ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ (TVK), 2026 के विधानसभा चुनावों में एक शक्तिशाली ताकत के रूप में उभर रही है। शुरुआती रुझान बताते हैं कि यह दो साल पुरानी पार्टी, ‘द्रविड़ मुनेत्र कज़गम’ (DMK) के दशकों पुराने वर्चस्व को चुनौती दे रही है—DMK एक ऐसा राजनीतिक दिग्गज है जिसका इतिहास 77 साल से भी ज़्यादा पुराना है।
एक सुपरस्टार का उदय
महज़ 69 फ़िल्मों के अपने करियर में, विजय ने तमिल सिनेमा में एक विशाल जगह बनाई है। अपनी ज़बरदस्त लोकप्रियता, दमदार स्क्रीन प्रेज़ेंस और चार्ट-टॉपिंग गानों के लिए जाने जाने वाले विजय, दक्षिण भारत के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक बन गए हैं। उनकी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों की सूची में शामिल हैं:
थेरी
बीस्ट
शाहजहाँ
मिनसारा कन्ना
राजाविन पारवैयिले
उनकी 2023 की फ़िल्म ‘लियो’ ने बॉक्स ऑफ़िस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, जबकि ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ़ ऑल टाइम’ ने उनके वर्चस्व को और भी मज़बूत कर दिया।
जोसेफ़ से ‘थलापति’ तक
22 जून, 1974 को जोसेफ़ विजय चंद्रशेखर के रूप में जन्मे विजय का ताल्लुक एक फ़िल्मी परिवार से है। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर एक निर्देशक हैं, और उनकी माँ शोभा चंद्रशेखर एक पार्श्व गायिका हैं।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी, और महज़ 18 साल की उम्र में फ़िल्म ‘नालैया थीरपू’ से मुख्य अभिनेता के तौर पर डेब्यू किया। समय के साथ, उनके फ़ैन्स ने उन्हें “थलापति” की उपाधि से नवाज़ा—जिसका अर्थ होता है ‘कमांडर’ (सेनापति)।
TVK का जन्म और राजनीतिक छलांग
फ़रवरी 2024 में, विजय ने आधिकारिक तौर पर ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ (TVK) लॉन्च की और राजनीति पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने के लिए फ़िल्मों से संन्यास लेने की घोषणा की।
दिलचस्प बात यह है कि: उनके फ़ैन क्लब “विजय मक्कल अय्यकम” ने स्थानीय निकाय चुनावों (2022) में 115 सीटें जीतकर पहले ही अपनी राजनीतिक ताक़त का प्रदर्शन कर दिया था। 2026 के विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों में, TVK अभी से “ज़बरदस्त बढ़त” (landslide-like momentum) दिखा रही है। विवाद और चुनौतियाँ
विजय का सफ़र उतार-चढ़ाव भरा रहा है: उनकी फ़िल्म ‘जना नायकन’ को सेंसर बोर्ड से मंज़ूरी मिलने में देरी हुई, कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़े, और रिलीज़ से पहले ही वह ऑनलाइन लीक भी हो गई।
इससे पहले, फ़िल्म ‘थलाइवा’ अपनी टैगलाइन “टाइम टू लीड” (नेतृत्व करने का समय) की वजह से राजनीतिक विवादों में घिर गई थी। फ़िल्म ‘सरकार’ पर सरकारी योजनाओं को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगा, जिसके चलते जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए। बार-बार विवादों में घिरने के बावजूद, विजय की लोकप्रियता और भी ज़्यादा बढ़ती गई।
राजनीतिक विचारधारा और अहम मोड़
विजय अक्सर अपनी राजनीतिक राय बेबाकी से रखते आए हैं। साल 2019 में, उन्होंने ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम’ (CAA) की आलोचना करते हुए चेतावनी दी थी कि इससे समाज में आपसी सौहार्द बिगड़ सकता है।
उन्होंने इन महान हस्तियों को अपना राजनीतिक आदर्श बताया है:
एम. जी. रामचंद्रन
जे. जयललिता
एम. करुणानिधि
हालांकि, राजनीति में उनके बढ़ते कद की वजह से अब उनका सीधा मुकाबला मौजूदा नेताओं से हो रहा है—जिनमें एम. के. स्टालिन और उदयनिधि स्टालिन भी शामिल हैं, जो कभी उनके करीबी माने जाते थे।
सुर्खियों में निजी ज़िंदगी
विजय ने साल 1999 में संगीता सोरनालिंगम से शादी की थी। इस जोड़ी के दो बच्चे हैं—जेसन संजय और दिव्या साशा।
लेकिन, साल 2025–26 के दौरान, उनके वैवाहिक जीवन में कुछ खलबली मच गई: खबरों के मुताबिक, संगीता ने तलाक़ के लिए अर्ज़ी दे दी थी। विजय पर यह आरोप भी लगे कि वह संगीता को अपने घर में घुसने से रोक रहे हैं। अभिनेत्री तृषा कृष्णन के साथ उनके कथित अफ़ेयर की अफ़वाहों ने भी खूब सुर्खियाँ बटोरीं।
क्या यह एक नए ‘थलापति’ युग की शुरुआत है?
बॉक्स ऑफ़िस पर राज करने से लेकर तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचाने तक—विजय का यह सफ़र किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं है।
