हरियाणा से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां Rohtak में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने RTO ऑफिस में छापा मारकर दो अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है और आम जनता के बीच भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और RTO निरीक्षक Rakesh Rana को महर्षि दयानन्द कॉलोनी से 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में सहायक सचिव Manish Madan की भूमिका भी सामने आई, जिसके चलते उसे भी तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ ACB थाने में केस दर्ज कर लिया गया है और आज उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला चालान से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने ACB को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उसके ट्राले का चालान RTO विभाग द्वारा किया गया था। जब वह चालान भरने के लिए RTO कार्यालय कन्हेली पहुंचा, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि “सेटिंग” नहीं की गई तो उसकी गाड़ियों के लगातार चालान किए जाएंगे, जिससे उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने प्रति गाड़ी 7 हजार रुपए मासिक रिश्वत की मांग की। उसकी और उसके साथियों की करीब 150 गाड़ियां चलती हैं, जिसके चलते कुल 10 लाख 50 हजार रुपए प्रतिमाह की डिमांड रखी गई। बाद में यह सौदा 8 लाख रुपए प्रति माह पर तय हुआ, जिसमें से 5 लाख 50 हजार रुपए पहले ही दिए जा चुके थे।
ACB ने शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए रेडिंग टीम का गठन किया और पूरे मामले की निगरानी शुरू की। तय योजना के अनुसार, जैसे ही आरोपी 1 लाख रुपए की रिश्वत ले रहे थे, टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। साक्ष्यों के आधार पर सहायक सचिव को भी हिरासत में लिया गया, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
इस कार्रवाई को हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लगातार हो रही ऐसी सख्त कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहा है कि सरकार और जांच एजेंसियां अब भ्रष्टाचार को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं हैं। वहीं, आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उनसे कोई अवैध मांग करता है तो तुरंत संबंधित एजेंसी को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

