Amit Shah, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘आपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा होने पर भारतीय सेनाओं के इस मिशन की सराहना की। उन्होंने गुरुवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में ‘आपरेशन सिंदूर’ को एक युग-प्रवर्तक मिशन बताया। कहा कि ‘आपरेशन सिंदूर’ भारत के सशस्त्र बलों, खुफिया एजेंसियों और राजनीतिक नेतृत्व की संयुक्त शक्ति को दर्शाता है। इस मिशन ने भारत की सैन्य शक्ति और संकल्प को प्रदर्शित किया है और यह आपरेशन देश को निशाना बनाने वाले दुश्मनों को लगातार एक कड़ा संदेश देता रहेगा।
बलों के अद्वितीय शौर्य को सलाम
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘आपरेशन सिंदूर’ हमारे दुश्मनों के लिए लगातार यह खौफनाक संदेश लाता रहेगा कि वे कहीं भी छिप जाएं, वे बच नहीं सकते। इसे उस दिन के रूप में याद रखा जाएगा जब हमारे सशस्त्र बलों की सटीक मारक क्षमता, हमारी एजेंसियों की बारीक खुफिया जानकारी और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति—ये सभी एक साथ मिलकर उस सीमा पार के हर आतंकी ठिकाने को तबाह करने के लिए उठ खड़े हुए, जिसने पहलगाम में हमारे नागरिकों पर बुरी नजर डालने की जुर्रत की थी। इस दिन, मैं हमारे बलों के अद्वितीय शौर्य को सलाम करता हूं।
पुंछ के बाजारों सुरक्षा कड़ी
देश ‘आॅपरेशन सिंदूर’ की पहली बरसी मना रहा है, जिसके मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के पुंछ के बाजारों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुंछ शहर से मिली तस्वीरों में सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती दिखाई दी। इस संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाने वाले नागरिकों और सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि दी और ‘आॅपरेशन सिंदूर’ को भारत की तैयारी और सैन्य क्षमता का प्रतीक बताया। 7 मई 2025 को शुरू होकर सैन्य टकराव चार दिन तक चला। 10 मई, 2025 को भारत और पाकिस्तान के मिलिट्री आॅपरेशंस के डायरेक्टर जनरल के बीच बातचीत के बाद युद्धविराम समझौता हुआ।
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