नई दिल्ली में चल रही क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में लिया गया फैसला
Quad Fuel Security Forum (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान जोकि क्वाड सदस्य हैं ने दिल्ली में चल रही क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में अहम फैसला लिया। इस फैसले के तहत भविष्य की चुनौतियों और पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत से निपटने के लिए एक नई कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसका एक मुख्य उद्देश्य सामरिक तेल भंडारों को मजबूत करना है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रहेगा। इस पूरे तालमेल को बेहतर बनाने के लिए जल्द ही ‘क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम’ बनाया जाएगा। यह फोरम उच्च स्तरीय चर्चा और सहयोग को आगे बढ़ाएगा। इसके तहत तकनीक, प्रबंधन, नीति और बाजार विश्लेषण पर मिलकर काम होगा। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त अभ्यास भी किए जाएंगे।
होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही जल्द बहाल हो
क्वाड देशों का यह साझा बयान होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा संकल्प है। सामरिक तेल भंडारों को मजबूत करने और ‘फ्यूल सिक्योरिटी फोरम’ के गठन से वैश्विक बाजार की अस्थिरता को रोकने और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
अमेरिका के हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव
पश्चिम एशिया में यह भारी तनाव 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ। तब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर एक बड़ा हवाई हमला किया था। इस हमले में ईरान के सबसे बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे इलाके में जंग छिड़ गई। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसी दिन, यानी 28 फरवरी 2026 से ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया।
तब से अब तक करीब तीन महीनों से यह रास्ता बंद पड़ा है। इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई रुक गई है। समुद्री जहाजों का किराया और बीमा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। हालांकि, बीच में युद्धविराम की कोशिशें हुईं, लेकिन तनाव अभी भी कम नहीं हुआ है। इसी वजह से क्वाड देशों को व्यापारिक जहाजों को बचाने के लिए आगे आना पड़ा है।
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