
कहा- नमाज और अजान से जुड़े मुद्दे जानबूझकर उठाए जाते हैं, सड़क पर नमाज रोज नहीं, बल्कि केवल जुमे और ईद के अवसर पर पढ़ी जाती है
Owaisi, (द भारत ख़बर), हैदराबाद: उत्तराखंड से दिल्ली तक होने वाली धार्मिक यात्राओं के दौरान सड़कें बंद रहती हैं और टेंट लगाए जाते हैं, लेकिन उस पर कोई सवाल नहीं उठाता। सड़क पर नमाज रोज नहीं, बल्कि केवल जुमे और ईद के अवसर पर पढ़ी जाती है। नमाज और अजान से जुड़े मुद्दे जानबूझकर मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए उठाए जाते हैं। यह आरोप एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लगाए। ओवैसी शुक्रवार को हैदराबाद में ईद मिलाप कार्यक्रम में बोल रहे थे।
रमजान के 30 दिनों में शराब की दुकानें भी बंद की जानी चाहिए
ओवैसी ने हिंदू त्योहारों के दौरान अंडे, मांस और चिकन की बिक्री पर लगने वाले प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी त्योहार के दौरान मांस की दुकानें बंद कराई जाती हैं, तो रमजान के 30 दिनों में शराब की दुकानें भी बंद की जानी चाहिए।
मीडिया ने नीट छात्रों की समस्याओं के बजाय मुसलमानों, अजान और मांस जैसे मुद्दों को महत्व दिया
ओवैसी ने नीट पेपर लीक मामले की मीडिया कवरेज की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 22 लाख छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन टीवी चैनलों ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। इसके बजाय मुसलमानों, अजान और मांस जैसे मुद्दों को ज्यादा महत्व दिया गया।
क्या सरकार पर सवाल उठाने वाला हर व्यक्ति पाकिस्तानी
उन्होंने एक न्यूज एंकर द्वारा सीबीएससी की बदली गई आंसर शीट को लेकर सवाल उठाने वाले छात्र को पाकिस्तानी कहे जाने पर आपत्ति जताई। ओवैसी ने पूछा, क्या सरकार पर सवाल उठाने वाला हर व्यक्ति पाकिस्तानी है? ओवैसी ने असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किए जाने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मुस्लिमों पर हिंदू विवाह संबंधी नियम थोप रही है। मुस्लिमों के निजी कानूनों में हस्तक्षेप किया जा रहा है।
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