
अमेरिकी छूट के बाद ईरान में विदेशी मुद्रा की सप्लाई भी बढ़ेगी
US Iran War Peace Deal Controversy, तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: ईरान संसद अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के साथ हुआ इस्लामाबाद समझौता आखिरकार अमेरिका की हार बन चुका है। अजरबैजान में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि यह समझौता किसी दबाव या मजबूरी का नतीजा नहीं था, बल्कि हमने इसे अपनी शर्तों पर माना है।
दूसरी ओर ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती ने कहा है कि अमेरिका से हाल में मिली छूट और विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियों तक बेहतर पहुंच मिलने से देश में विदेशी मुद्रा बढ़ सकती है।
विदेशी मुद्रा भंडार का एक हिस्सा बाजार में जारी करेगा सेंट्रल बैंक
ईरानी मीडिया के मुताबिक, सेंट्रल बैंक अब पिछले कुछ महीनों में जमा किए गए विदेशी मुद्रा भंडार का एक हिस्सा बाजार में जारी करेगा। हेम्मती ने कहा कि कंपनियों के लिए विदेशी मुद्रा की सप्लाई में बदलाव शनिवार से दिखना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 2 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे।
इससे जरूरी सामान, कच्चे माल और उत्पादन से जुड़ी चीजों के आयात पर खर्च कम हो सकता है, जिससे बाजार में कीमतों पर दबाव घटाने में मदद मिलेगी।
ईरान ने पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति को इज्जत दी
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि कई दशकों में पहली बार ईरान अमेरिका और उसके राष्ट्रपति को इतनी इज्जत दे रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय कमजोर स्थिति में है और समझौते के लिए लगभग हर शर्त मानने को तैयार है।
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