
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची बोले- यदि ईरानी जनता या देश के नेतृत्व के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो उसका तत्काल और सख्त जवाब दिया जाएगा
Khamenei Funeral, (द भारत ख़बर), तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल ईरानी शीर्ष नेतृत्व और लोगों पर तंस कसा। ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा, अमेरिका चाहे तो एक ही हमले में सभी को खत्म कर सकता था। हालांकि मैंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि फिर बातचीत के लिए कोई नहीं बचता। ट्रम्प ने जनाजे में रो रहे लोगों पर भी तंज कसते हुए कहा कि शायद ये आंसू भी नकली हों।
राष्ट्रपति ट्रम्प एक्सिओस से बातचीत कर रहे थे। ट्रम्प के बयान पर ईरान ने पलटवार किया। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा, लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं। आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान।
डेथ टु अमेरिका और डेथ टु इजराइल के लगे नारे
दूसरी तरफ तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए तीसरे दिन लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी है। इस दौरान डेथ टु अमेरिका और ‘डेथ टु इजराइल’ के नारे लगे।
अभी तक सामने नहीं आए मुजतबा खामेनेई
ईरानी राजधानी में भारी भीड़ जमा है, लेकिन उनके बेटे और ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का कोई पता नहीं है। मुजतबा खामेनेई अभी तक सबके सामने नहीं आए हैं, जिससे उनकी सेहत को लेकर शक बढ़ रहा है और यह सवाल भी उठ रहा है कि देश की कमान किसके हाथ में है।
हालांकि ईरानी सरकार ने कई कार्यक्रमों की जानकारी दी है, लेकिन मुजतबा के सामने आने की कोई योजना घोषित नहीं की गई है; वैसे भी, सुरक्षा कारणों से ऐसा कोई भी फैसला पहले से सार्वजनिक किए जाने की संभावना कम ही है।
सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल नहीं होंगे मुजतबा
रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अयातुल्ला हाकिम इलाही ने कहा कि इसराइल की ओर से लगातार मिल रही धमकियों और सुरक्षा खतरों के कारण उनकी सार्वजनिक मौजूदगी सुरक्षित नहीं मानी जा रही है।
रूस ने होर्मुज को ईरान का परमाणु हथियार बताया
रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान का परमाणु हथियार है। उन्होंने कहा कि इस रास्ते पर नियंत्रण से ईरान पूरी दुनिया के तेल कारोबार पर दबाव बना सकता है। मेदवेदेव के मुताबिक अगर ईरान इस समुद्री रास्ते पर आवाजाही रोकता है, तो पूरी दुनिया के तेल कारोबार और सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
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