अंबाला. जुलाई का महीना आधा बीत चुका है, लेकिन मौसम का मिजाज अब भी जून जैसा बना हुआ है. भीषण गर्मी और उमस ने आम जनजीवन के साथ-साथ कारोबार पर भी गहरा असर डाला है. इसका सबसे बड़ा असर अंबाला शहर की देशभर में पहचान रखने वाली कपड़ा मार्केट पर देखने को मिल रहा है. हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से रोजाना बड़ी संख्या में होलसेल रेट पर कपड़ा खरीदने आने वाले ग्राहकों की भीड़ इन दिनों गायब है. दोपहर के समय बाजार की अधिकांश दुकानें सूनी नजर आती हैं और व्यापारी ग्राहकों का इंतजार करते दिखाई देते हैं. कि यह मार्केट कम कीमत से लेकर शादी-विवाह के महंगे परिधानों तक के लिए प्रसिद्ध है. यहां 100 रुपये से सूट की शुरुआत हो जाती है, जबकि ब्राइडल लहंगे, ट्रेंडिंग सूट, जयपुरी और सूरत के नए डिजाइन पहले ही दुकानों में सजा दिए गए हैं. इसके बावजूद बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रही है. व्यापारियों का कहना है कि मौसम की मार ने पूरे कारोबार की रफ्तार थाम दी है.
नया स्टॉक तैयार
इस बारे में लोकल 18 से कपड़ा व्यापारी अमनप्रीत सिंह बताते हैं कि अंबाला की यह कपड़ा मार्केट वर्षों पुरानी है. यहां दूर-दराज के राज्यों से व्यापारी और ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं. इस बार दोहरी मार पड़ रही है, क्योंकि एक ओर पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के कारण हिमाचल प्रदेश से आने वाले ग्राहक कम हो गए हैं. दूसरी ओर अंबाला में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण स्थानीय लोग भी दोपहर के समय बाजार आने से बच रहे हैं. पिछले वर्षों में जुलाई के महीने तक त्योहारी और शादी के सीजन की खरीदारी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार बाजार में अपेक्षित चहल-पहल देखने को नहीं मिल रही. दुकानदारों ने पहले से बड़ी मात्रा में नया स्टॉक तैयार कर लिया है, लेकिन ग्राहक नहीं आने से बिक्री प्रभावित हो रही है.
लोग बाहर निकलने से बच रहे
व्यापारी जसविंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने व्यापारिक जीवन में पहली बार ऐसा समय देखा है कि जुलाई में भी इतनी तेज गर्मी पड़ रही है. दोपहर के समय बाजार लगभग खाली हो जाता है, क्योंकि लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं. इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है. बिक्री घटने से दुकानदारों के लिए कर्मचारियों का वेतन निकालना भी चुनौती बनता जा रहा है. बाजार में कई दुकानदार पूरे दिन ग्राहकों का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन उम्मीद के मुताबिक खरीदार नहीं पहुंच रहे हैं. हालांकि व्यापारियों ने आने वाले शादी और त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी कर ली है.
5 हजार से 25 हजार तक
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में 5 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक के आकर्षक ब्राइडल लहंगे उपलब्ध हैं. जयपुर और सूरत से नए डिजाइन के सूट और अन्य परिधान भी पहले ही मंगवा लिए गए हैं. व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे ही मौसम बदलेगा और बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी, बाजार में एक बार फिर ग्राहकों की रौनक लौटेगी. व्यापारियों का मानना है कि अंबाला की कपड़ा मार्केट केवल स्थानीय बाजार नहीं, बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख होलसेल केंद्रों में से एक है. ऐसे में यहां कारोबार की मंदी का असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे जुड़े मजदूरों, कर्मचारियों, ट्रांसपोर्ट और अन्य छोटे व्यवसाय भी प्रभावित होते हैं.

