MPMS Scheme (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फ़ोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दी। इसका मकसद देश में मोबाइल फोन का प्रोडक्शन बढ़ाना, लोकल वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना और भारत की स्थिति को ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर मजबूत करना है।
5 साल के लिए होगा लागू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने इस स्कीम को मंजूरी दी, जो वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक, यानी पांच साल के लिए लागू रहेगी।
PLI-LSEM की लेगी जगह
यह स्कीम ‘बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम’ (PLI-LSEM) की जगह लेगी, जो 31 मार्च, 2026 को खत्म हो गई थी। इस स्कीम के तहत, भारत में मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों को योग्य बिक्री पर 2.25% से 5% तक का प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव मिलेगा।
इंसेंटिव कर सकेंगे क्लेम
मैन्युफैक्चरर मुख्य कंपोनेंट्स और सब-असेंबली को घरेलू स्तर पर हासिल करने के लिए 1.5% तक का अतिरिक्त इंसेंटिव भी क्लेम कर सकते हैं, जिससे सप्लाई चेन में ज्यादा लोकलाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा।

