Raja Raghuvanshi Murder Case News: इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को शीर्ष कोर्ट ने शिलॉन्ग की अदालत द्वारा दी गई सोनम की जमानत रद्द कर दी और उसे तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर मुकदमे की सुनवाई में अनावश्यक देरी होती है, तो सोनम 6 महीने बाद दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं। यह आदेश मेघालय सरकार की उस याचिका पर आया, जिसमें शिलॉन्ग की अदालत द्वारा सोनम को दी गई जमानत को चुनौती दी गई थी।
मेघालय सरकार ने जमानत को दी थी चुनौती
दरअसल 28 अप्रैल को शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। इसके बाद मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत रद्द करते हुए सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। अब सोनम को दोबारा जेल जाना होगा।
सोनम की ओर से क्या दलील दी गई?
सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी के वकील ने अदालत को बताया कि मामले में कुल 94 गवाह हैं, लेकिन अब तक केवल 4 गवाहों के बयान ही दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में सप्लीमेंटरी चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है और सोनम को कड़ी शर्तों के साथ जमानत मिली थी, जिसका वह पूरी तरह पालन कर रही है। वकील ने यह भी कहा कि सोनम ने सरेंडर नहीं किया था, बल्कि उन्हें उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी को सरेंडर बताकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने अदालत से कहा कि सोनम के फरार होने की कोई आशंका नहीं है।
मेघालय सरकार ने क्या कहा?
मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि गिरफ्तारी और सरेंडर को लेकर उठाए जा रहे तर्क बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में आरोपी के आत्मसमर्पण का उल्लेख दर्ज है और रिकॉर्ड में मौजूद एक तकनीकी त्रुटि को आधार बनाकर जमानत नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जमानत बरकरार रहती है, तो आरोपी सोनम के फरार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पिछली तारीख पर सोनम के वकील को दो विकल्प दिए थे. पहला सोनम खुद सरेंडर करे या फिर अदालत उनकी जमानत रद्द करने पर फैसला सुनाए। जमानत रद्द करते हुए अदालत ने समाज में बदलते हालात पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा ये चीजें बदलते समाज में स्वाभाविक हैं। आज की पीढ़ी हमारे मुकाबले ज्यादा जानकारी रखती है, लेकिन दबाव झेलने के मामले में ज्यादा संवेदनशील भी है।
क्या है राजा रघुवंशी हत्याकांड?
इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी के बाद वह अपनी पत्नी सोनम के साथ 21 मई 2025 को हनीमून मनाने मेघालय पहुंचे थे। 26 मई को दोनों के लापता होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया। कई दिनों की खोज के बाद 2 जून को राजा रघुवंशी का शव सोहरा, चेरापूंजी के पास वेई सॉडोंग फॉल्स के निकट एक गहरी खाई से बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच में हत्या की पुष्टि हुई। मेघालय पुलिस की जांच के अनुसार, सोनम रघुवंशी का राज कुशवाहा के साथ अफेयर था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची और हनीमून को इस वारदात को अंजाम देने का जरिया बनाया।

