नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का कप्तान बनाया गया था. उनके पास मौका था टेस्ट टीम में वापसी करने की दावेदारी पेश करने का. इस खिलाड़ी ने इसे दोनों हाथों लपका और फाइनल में 270 रन की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेल डाली. इस विस्फोटक पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 708 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया. इससे पहले इस टूर्नामेंट के इतिहास में ईस्ट जोन ने इतना बड़ा स्कोर कभी नहीं बनाया था. टीम ने 40 साल पुराना अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया.
दलीप ट्रॉफी से पहले लंबे समय तक टीम इंडिया से बाहर रहे ईशान किशन ने टी20 टीम में घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के बाद जगह बनाई. अब उनकी नजर टेस्ट टीम में जगह हासिल करने पर है. पिछले दो मैच में कुछ खास नहीं कर पाने के बाद उन्होंने फाइनल में सारी भरपाई कर दी. साउथ जोन के खिलाफ टॉस जीतकर ईशान किशन ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यू ईश्वरन ने शतकीय साझेदारी से शुरुआत की. जल्दी जल्दी तीन विकेट गिरने के बाद कप्तान ने मैदान पर कदम रखा और ऐसा पारी खेली जिसने इतिहास रच दिया. इससे पहले ईस्ट जोन का दलीप ट्रॉफी में सर्वोच्च स्कोर 561 रन था जो उसने 1986 के सेमीफाइनल में वेस्ट जोन के खिलाफ बनाया था. उसे काफी पीछे छोड़ते हुए ईशान की कप्तानी वाली टीम ने 708 रन बना डाले.
That moment when Ishan Kishan reached 2️⃣5️⃣0️⃣ 👏👏
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— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 7, 2026
ईशान किशन ने रचा इतिहास
साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन ने 334 गेंद का सामना करते हुए 30 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 270 रन बनाए. इस टूर्नामेंट के इतिहास के फाइनल में यह किसी भी कप्तान का बनाया सबसे बड़ा स्कोर है. ईशान किशन दलीप ट्रॉफी फाइनल में कप्तान के तौर पर 250 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने. हालांकि दलीप ट्रॉफी के इतिहास में किशन सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए. फाइनल में यह किसी बल्लेबाज का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. ईस्ट जोन की बात करें तो टूर्नामेंट में सबसे बड़ी पारी अरुण लाल के नाम दर्ज है. 1986 में वेस्ट जोन के खिलाफ 287 रन बनाए थे.

