
JNU, DU Advisory on CJP Protest: दिल्ली में जंतर-मंतर पर पिछले करीब 35 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रोटेस्ट चल रहा है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे हैं। इसे देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी ने अपने छात्रों और शिक्षकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दोनों यूनिवर्सिटी ने छात्रों से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की है। DU और JNU प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए साफ कहा है कि सीजेपी के प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले छात्रों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दोनों यूनिवर्सिटी ने सोशल प्लेटफॉर्म X के जरिए भी इसकी जानकारी दी है।
JNU ने जारी की एडवाइजरी
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को जारी अपने संदेश में छात्रों और कर्मचारियों से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित या चल रहे CJP प्रदर्शन से दूर रहने को कहा। विश्वविद्यालय ने एडवाइजरी में कहा कि छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा, शैक्षणिक जिम्मेदारियां और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन ने यह भी आगाह किया कि प्रदर्शन से जुड़े भड़काऊ या गैर-जिम्मेदाराना सोशल मीडिया पोस्ट से भी बचें। विश्वविद्यालय के अनुसार अगर कोई छात्र या कर्मचारी निर्देशों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी परिणाम भी हो सकते हैं।
Advisory
All stakeholders of JNU’s epistemic community are advised to act responsibly and prioritize their personal safety. In accordance with the Hon’ble Supreme Court of India’s directions on public demonstrations, you are requested to refrain from participating in or visiting…— Jawaharlal Nehru University (JNU) (@JNU_official_50) July 24, 2026
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी किया उल्लेख
JNU प्रशासन ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल न हों, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो या उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो। प्रशासन ने छात्रों से अपनी पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने की भी सलाह दी।
इससे पहले DU ने भी जारी की थी चेतावनी
JNU से पहले दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने भी अपने छात्रों और शिक्षकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। विश्वविद्यालय ने कहा कि जंतर-मंतर पर किसी भी गैर-कानूनी सभा या प्रदर्शन में शामिल होने से कानूनी कार्रवाई हो सकती है। DU ने छात्रों से अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और कानून का पालन करने की अपील की। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों में भागीदारी छात्रों की पढ़ाई और भविष्य के पेशेवर अवसरों पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है।
Dear students and faculty, your safety matters to us. Please note that any unlawful assemblies or demonstrations at Jantar Mantar, New Delhi, which are strictly regulated as per the directives of the Hon’ble Supreme Court of India, may invite legal action. Such activities can…
— University of Delhi (@UnivofDelhi) July 23, 2026
क्यों जारी करनी पड़ी एडवाइजरी?
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र और युवा विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और राजधानी के कई हिस्सों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन का कहना है कि एडवाइजरी का उद्देश्य छात्रों को किसी राजनीतिक रुख की ओर प्रेरित करना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
DU पर भड़के नेता विपक्ष राहुल गांधी
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की एडवाइजरी पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों को डराने और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि “छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?” उनका कहना था कि विश्वविद्यालयों का काम छात्रों की आवाज दबाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल में अपनी बात रखने का अवसर देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि एडवाइजरी के जरिए छात्रों को विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने के लिए दबाव में लाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और समय आने पर ऐसे फैसले लेने वालों को जवाब देना होगा।
