बढ़ता तापमान, लंबे समय तक सूखा और तेज हवाएं जंगल की आग को बना रही ज्यादा खतरनाक
Spain Fire, (द भारत ख़बर), मैड्रिड: स्पेन के जंगलों में आग लगी है। राजधानी मैड्रिड के पश्चिम में पहाड़ों पर बसे कस्बों से 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है। इस इलाके और पड़ोसी अविला प्रांत में लगी तीन आग की घटनाओं के कारण सरकार को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करना पड़ा, जिससे उसे राहत और बचाव कार्यों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालने का अधिकार मिल गया।
आग ने सरकार को पहली बार सिर्फ वाइल्डफायर की वजह से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने पर मजबूर कर दिया। स्पेन सरकार के मुताबिक, आग पर काबू पाने के लिए 270 से ज्यादा आपातकालीन कर्मियों, दर्जनों दमकल इकाइयों और सैन्य इमरजेंसी यूनिट को तैनात किया गया है। कई इलाकों में हेलिकॉप्टर लगातार पानी की बौछार कर रहे हैं, लेकिन तेज गर्मी, सूखी हवाओं और लंबे सूखे ने हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं।
350 से अधिक जगहों पर लगी आग
जंगल की आग की वजह से ऐसा कदम पहली बार उठाया गया है। इससे पहले स्पेन ने पिछले साल देशव्यापी बिजली कटौती के दौरान इसी स्तर का आपातकालीन अलर्ट घोषित किया था। यूरोपीय वन अग्नि सूचना सेवा के अनुसार, इस साल अब तक स्पेन में 350 से अधिक जगहों पर आग लगी है। वहीं, फ्रांस ने अटलांटिक तट पर लगी आग से निपटने के लिए यूरोपीय संघ से मदद मांगी है, क्योंकि भीषण गर्मी के कारण पूरे यूरोप में आग फैल गई और हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा।
कैप फेरेट प्रायद्वीप को कराया गया खाली, 40000 लोगों को निकाला गया
फ्रांसीसी अधिकारियों ने जंगल की भीषण आग के कारण पर्यटन के लिए मशहूर कैप फेरेट प्रायद्वीप को पूरी तरह खाली करने का आदेश दिया। इस इलाके से करीब 40,000 लोगों को निकाला गया और कई लोगों को नाव के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
आग से लड़ाई में गधों की एंट्री
इस बार आग बुझाने की कोशिशों में एक ऐसा तरीका भी चर्चा में है, जिसने दुनिया का ध्यान खींचा है। स्पेन के कई इलाकों में गधों को जंगलों में छोड़ा जा रहा है, ताकि वे सूखी घास, झाड़ियों और छोटी वनस्पतियों को चर सकें। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यही सूखी घास जंगल की आग को तेजी से फैलाने का सबसे बड़ा र्ईंधन बनती है।
जब गधे और दूसरे चरने वाले जानवर इसे पहले ही साफ कर देते हैं तो आग को फैलने के लिए कम सामग्री मिलती है और उसकी रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसे आधुनिक तकनीक के साथ इस्तेमाल की जाने वाली प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल रणनीति माना जा रहा है।

