Nathu La Pass reopens: भारत-चीन संबंधों में आ रही गर्मजोशी के बीच नई दिल्ली ने एक और कामयाबी हासिल की है। पिछले छह साल से कारोबार के लिए बंद सिक्किम स्थित नाथू ला दर्रा 1 अगस्त से खुलना जा रहा है। दोनों देशों की सरकारों द्वारा इस दर्रे से सीमावर्ती व्यापार को फिर से शुरू करने के तहत यह कदम उठाया गया है। नाथू ला दर्रा, सिक्किम और तिब्बत के बीच कोराबार के लिए एक अहम कड़ी है।
सीमा व्यापार को नया जीवन
सिक्किम राज्य के अधिकारियों ने दर्रे से कारोबार शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। व्यापारियों और स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि इससे सीमा व्यापार को फिर से नया जीवन मिलेगा।
2020 से ही बंद था कारोबार
पूर्वी लद्दाख में साल 2020 में दोनों देशों के सेनाओं के बीच गतिरोध से संबंधों में आई कड़वाहट को दूर करने के लिए, नई दिल्ली और चीन ने आपस में विश्वास बहाल करने के लिए कई उपाय उठाए हैं, जिसके परिणाम स्वरूप यह कदम सामने आया है।
दोनों देशों ने कई कदम उठाए
पिछले कुछ वर्षों में, दोनों देशों ने बातचीत और संपर्क फिर से शुरू करने के लिए धीरे-धीरे कदम उठाए हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करना, सीधी उड़ानें दोबारा शुरू करने पर बातचीत और पारंपरिक सीमा व्यापार केंद्रों को फिर से खोलने के समझौते शामिल हैं। हालांकि, सीमा से जुड़ा बड़ा विवाद अभी भी अनसुलझा है, लेकिन नाथू ला में व्यापार का फिर से शुरू होना एक अहम आर्थिक और कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
क्या है नाथू ला?
नाथू ला भारत के सिक्किम राज्य और चीन के तिब्बत को जोड़ने वाला एक प्रमुख पहाड़ी दर्रा है, जो 14,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह गंगटोक से 56 किमी दूर है और यहां केवल भारतीय नागरिक परमिट लेकर जा सकते हैं।

