Bhullar transferred: पाकिस्तान समर्थित कथित आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने के कुछ ही दिनों बाद अमृतसर के पुलिस प्रमुख गुरप्रीत सिंह भुल्लर का शुक्रवार को तबादला कर दिया गया। तबादले के समय को लेकर राजनीतिक तौर पर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। पंजाब सरकार के आलोचकों ने भुल्लर पर आम आदमी पार्टी (AAP) के करीबी होने का आरोप लगाया और उन्हें सत्ताधारी पार्टी के ‘इशारे पर काम करने वाला’ बताया है।
नौ लोगों की हुई थी गिरफ्तारी
अमृतसर कमिश्नरेट ने चार नाबालिगों सहित नौ लोगों की गिरफ्तारी और तीन पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस और चार पेट्रोल बॉटल बम बरामद करने की घोषणा की थी। पुलिस ने कहा था कि आरोपी विदेश में बैठे ISI हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की निगरानी कर रहे थे।
भुल्लर ने दिया था बयान
यह घटनाक्रम इसलिए अहम है, क्योंकि यह पुलिस कार्रवाई जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी कथित आतंकी साजिश को लेकर मची गहमागहमी के बीच हुई है। 4 अगस्त को अपनी ब्रीफिंग में भुल्लर ने बताया कि जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों ने जंतर-मंतर का दौरा किया था, वहां की रेकी की थी और कथित तौर पर पेट्रोल बम से प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
पंजाब सरकार ने दिया स्पष्टीकरण
इसके बाद पंजाब सरकार ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि पुलिस कमिश्नर ने यह नहीं कहा था कि आरोपी जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे या प्रदर्शनकारियों का किसी आतंकी मॉड्यूल से कोई संबंध था। सरकार ने कहा कि पुलिस प्रमुख के बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया जिसस एक ‘गलत धारणा’ बनी कि गिरफ्तार किए गए लोग प्रदर्शनकारियों से जुड़े थे।
अटकलों का दौर शुरू
इन बयानों के कुछ ही समय बाद हुए भुल्लर के तबादले से अब यह अटकलें शुरू हो गई हैं कि क्या इस बयान से जुड़े विवाद ने इस फैसले में कोई भूमिका निभाई। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि उनका तबादला जंतर-मंतर पर दिए गए बयानों से जुड़ा था।
कदम ने लिया राजनीतिक रंग
इस कदम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पंजाब सरकार के आलोचकों ने अक्सर भुल्लर पर आम आदमी पार्टी (AAP) के करीबी होने का आरोप लगाया और उन्हें सत्ताधारी पार्टी के ‘इशारे पर काम करने वाला’ बताया है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, ”गुरप्रीत भुल्लर के तबादले का समय निश्चित रूप से सवाल खड़े करेगा। क्या जंतर-मंतर की कथित साजिश के बारे में उनके सटीक खुलासों से केजरीवाल परेशान हो गए थे?”

