DoT advisory: सिम कार्ड का दुरूपयोग महंगा पड़ने वाला है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल यूजर्स को चेतावनी दी है कि वे अपने नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल दूसरों को न करने दें। विभाग ने कहा है कि धोखाधड़ी से सिम जारी करवाना, टेलीकॉम आइडेंटिफायर का गलत इस्तेमाल और IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ करने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
21 सितंबर को जारी की एडवाइजरी
विभाग ने 21 सितंबर को जारी एक एडवाइजरी में कहा कि टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत ऐसे उल्लंघनों के लिए तीन साल तक की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
मोबाइल नंबर की नियमित जांच करें
यह चेतावनी उन यूजर्स के लिए खास तौर पर जरूरी है जिनके पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उनकी जानकारी के बिना मोबाइल कनेक्शन लिए गए हों या जिन्होंने अपने नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड किसी और व्यक्ति को दे दिए हों। DoT ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ‘संचार साथी’ पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी पहचान से जुड़े सभी मोबाइल नंबरों की नियमित रूप से जांच करते रहें।
DoT ने क्यों जारी की चेतावनी?
यह एडवाइजरी हाल ही में हुई साइबर क्राइम की जांच के दौरान सामने आए एक मामले के बाद जारी की गई है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के एक ‘पॉइंट ऑफ सेल’ (PoS) एजेंट ने कथित तौर पर नागरिकों की जानकारी या सहमति के बिना उनके पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट किए थे।
इस बात का पता चलने के बाद, DoT और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स ने उस PoS को ब्लैकलिस्ट कर दिया, जिससे वह आगे कोई सिम कार्ड जारी नहीं कर सका। DoT के ‘डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ के जरिए उन 25 कनेक्शनों की भी जांच की गई।
संदिग्ध पाए गए कनेक्शनों को री-वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया और जो नंबर इस प्रक्रिया में फेल हो गए, उन्हें बाद में डी-एक्टिवेट कर दिया गया। यह घटना ग्राहकों के लिए एक जोखिम की ओर इशारा करती है, क्योंकि किसी व्यक्ति को शायद यह पता न हो कि उनके पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके कोई मोबाइल नंबर लिया गया है।
सिम कार्ड ट्रांसफर करने से बचें
DoT ने सब्सक्राइबर्स को अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी और को ट्रांसफर करने के खिलाफ भी आगाह किया है। विभाग के अनुसार, अगर ऐसे सिम का बाद में गलत इस्तेमाल होता है, तो कानूनी जिम्मेदारी ओरिजिनल सब्सक्राइबर पर आ सकती है।
इनसे परहेज करें मोबाइल यूजर्स
DoT ने कुछ ऐसी गतिविधियों की लिस्ट बनाई है जिनसे नागरिकों को दूर रहना चाहिए।
- फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके सिम कार्ड लेना, धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी और के नाम पर सिम लेना शामिल है। साथ ही, अपने नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड को किसी ऐसे व्यक्ति को बेचना, ट्रांसफर करना या सौंपना भी इसमें शामिल है, जो इनका गलत इस्तेमाल कर सकता है।
- विभाग ने अपने नाम पर सिम लेकर उसे साइबर धोखाधड़ी या दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए उधार देने, किराए पर देने या ‘म्यूल सिम’ के तौर पर इस्तेमाल करने के खिलाफ भी चेतावनी दी है। ऐसे गलत इस्तेमाल से असली सब्सक्राइबर पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- यूजर्स को ऐसे डिवाइस से भी बचना चाहिए जिनमें मॉडेम, सिम बॉक्स या दूसरे उपकरण हों जिनके IMEI नंबर बदले गए हों या उनमें छेड़छाड़ की गई हो। DoT ने कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (CLI) और दूसरे टेलीकॉम आइडेंटिफायर को बदलने के लिए ऐप्स, वेबसाइट्स या दूसरे टूल्स का इस्तेमाल न करने की सलाह भी दी है।

