आरोपियों के पास से पेट्रोल से भरी चार बोतलें, तीन अवैध पिस्तौल और नौ जिंदा कारतूस बरामद
Punjab News, (द भारत ख़बर), अमृतसर: पंजाब की अमृतसर पुलिस ने 15 अगस्त से पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार नाबालिगों समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने पेट्रोल बम बनाने के लिए पेट्रोल से भरी चार बोतलें, तीन अवैध पिस्तौल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी सीधे तौर पर विदेश और पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हीं के निर्देशों पर काम कर रहे थे।
सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर आतंकी वारदात को अंजाम देने की भी थी योजना
एक गिरोह के आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह जंतर-मंतर पर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरने में आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए अपने आठ साथियों के साथ दिल्ली भी जा चुका है। वे पाकिस्तानी हैंडलर के माध्यम से उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति से भी मिले थे, जिसने उन्हें हथियार व विस्फोटक मुहैया करवाने थे। हालांकि वहां सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण वे वारदात नहीं कर पाए और वापस आ गए।
पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर के संपर्क में था सुखमन
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि एक गिरोह में तीन नाबालिगों सहित चार और दूसरे गिरोह में एक नाबालिग समेत पांच लोगों को पकड़ा गया है। सूचना के आधार पर राजासांसी निवासी सुखमन सिंह और उसके तीन नाबालिग साथियों को काबू किया। उनसे चार बोतल बम, दो पिस्तौल, लाइटर और नौ कारतूस बरामद किए गए। सुखमन ने माना कि वह पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर के संपर्क में था।
जंतर-मंतर पर वारदात करने का टास्क मिला था
आरोपी ने बताया कि उसे जंतर-मंतर पर वारदात करने का टास्क मिला था। वह आठ साथियों के साथ वहां गया भी था, लेकिन षड्यंत्र में कामयाब नहीं हो पाया। वह पंजाब में पुलिस इमारतों की रेकी कर रहे थे और उन्हें पुलिसकर्मियों की रेकी करने को भी कहा गया था। दूसरे गिरोह के आरोपितों ने रेलवे ट्रैक पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर फुटेज आईएसआई तक पहुंचाई थी।
रेलवे ट्रैक को निशाना बनाने का प्लान
इनमें से एक ग्रुप अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास सीसीटीवी कैमरे लगा रहा था, ताकि वहां की लाइव फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी पाकिस्तान भेजी जा सके और बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सके। आरोपी की पहचान अमृतसर के मोहकमपुरा निवासी वंश कुमार, राजासांसी के गांव झंजोटी निवासी हरमन सिंह व सुखदेव सिंह, गांव जोथ निवासी सुखमन और एक नाबालिग के रूप में हुई।
बीते माह जौड़ा फाटक के पास रेल ट्रैक के पोल पर मिले कैमरे की जांच के दौरान पहले वंश कुमार और उसके नाबालिग दोस्त को पकड़ा गया। दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने साथियों के साथ मिलकर कैमरा लगाया था, जिसके सहारे पाकिस्तान में फुटेज भेजी गई थी। सैन्य इलाकों की संवेदनशील जानकारियां भी बाहर भेज रहे थे। पूछताछ के बाद उन्हें पिस्तौल मुहैया करवाने वाले अनमोल सिंह को गिरफ्तार किया।
छोटे-छोटे लालच के कारण देश विरोधी गतिविधियों में फंसे
इसके बाद पुलिस कैमरे लगाने को लेकर हुई डील के आरोप में सुखदेव सिंह और हमरन सिंह तक पहुंची। वे दोनों आर्म्स एक्ट में जेल में बंद थे, उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है।
कमिश्नरेट पुलिस की पूछताछ के बाद जीआरपी टीम भी इनसे पूछताछ करेगी। सीपी ने बताया कि सभी नाबालिग आर्थिक रूप से गरीब परिवारों के हैं। सभी अपनी पढ़ाई छोड़ चुके हैं। ये छोटे-छोटे लालच के कारण वह देश विरोधी गतिविधियों में फंसे हैं। इन्हें कांच की बोतलें देकर पेट्रोल बम तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। आगे उन्हें टारगेट देकर रवाना करना था।
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