
यूपीआई के जरिए भुगतान करने की मौजूदा सुविधा आम लोगों के लिए फ्री बनी रहेगी
UPI Payment, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: यूपीआई से पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए केंद्र सरकार ने शनिवार को बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने साफ कहा है कि यूपीआई यूजर्स से किसी भी ट्रांजैक्शन पर चार्ज नहीं लिया जाएगा। यानी रोजाना किराना, बिल पेमेंट, आॅनलाइन शॉपिंग या किसी व्यक्ति को पैसे भेजने के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त पेमेंट फीस नहीं लगाई जाएगी।
वित्त मंत्रालय ने प्रेस रिलीज में कहा है कि यूपीआई पेमेंट करने पर यूजर्स से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा और सभी पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे। सरकार ने बताया कि अगर भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किया जाता है तो यह केवल एक तय सीमा से ज्यादा वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन की सीमित कैटेगरी पर लागू होगा और मामूली दर पर लगाया जाएगा। ये डेबिट और क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर लागू होने वाले एमडीआर से काफी कम होगा।
इन ट्रांजैक्शन पर लग सकता है चार्ज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को 2,000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर 0.25% से 0.4% का एमडीआर लगाने की इजाजत दे सकती है, वो भी तब, जब ट्रांजैक्शन किसी बिजनेस के साथ किया जाता है। नतीजतन, दूध, सब्जी, किराने का सामान, आॅटो-रिक्शा की सवारी और टैक्सी किराए जैसे रोजमर्रा के पेमेंट पर असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
ज्यादातर मर्चेंट ट्रांजैक्शन भी रहेंगे फ्री
सरकार ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि वढक पर होने वाले वास्तविक रूप से अधिकांश मर्चेंट ट्रांजैक्शन फ्री बने रहेंगे। अगर भविष्य में एमडीआर लागू किया जाता है तो वह थ्रेशोल्ड आधारित होगा।
इसका मतलब यह हुआ कि एक निश्चित सीमा और निर्धारित परिस्थितियों से जुड़े कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही शुल्क लागू हो सकता है। इससे छोटे कारोबारियों और रोजाना यूपीआई स्वीकार करने वाले दुकानदारों के लिए मौजूदा डिजिटल पेमेंट व्यवस्था पर बड़ा बोझ पड़ने के आसार बेहद कम हैं।
ये भी पढ़ें: मुस्लिम नाटो में पाकिस्तान, सऊदी के बाद जुड़ा तुर्की, एक पर हमला, सब पर हमला माना जाएगा
