
कनाडा से भारतीय नागरिकों को कई तरह के इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के कारण निकाला जा सकता है।
अपनी आव्रजन प्रणाली को सख्त कर रहा कनाडा
Indians Deported, (द भारत ख़बर), ओटावा: कनाडा ने 2026 के पहले छह महीनों में 3,323 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर भेजा है। इसके साथ ही यह संख्या पिछले छह साल के सर्वाधिक आंकड़े को पार करने की ओर बढ़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
कनाडा अपनी आव्रजन व्यवस्था को सख्त कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय छात्रों तथा अस्थायी विदेशी कर्मचारियों समेत अस्थायी निवासियों की संख्या कम कर रहा है। 2026 की पहली छमाही में कनाडा से निकाले गए लोगों में सबसे बड़ी संख्या भारतीय की है। उन्होंने 1,573 निर्वासन के साथ मैक्सिकन लोगों को पीछे छोड़ दिया है।
2025 में निकाले गए थे सबसे ज्यादा भारतीय
कनाडा सीमा सेवा एजेंसी (सीबीएसए) के आंकड़ों के अनुसार 2025 में पूरे साल में निकाले गए भारतीय नागरिकों की संख्या 3,779 थी जबकि इस साल के शुरूआती छह महीनों में ही 3,323 भारतीय नागरिकों को निकाला जा चुका है। अब तक सबसे अधिक भारतीय वर्ष 2025 में निकाले गए थे।
साल दर साल बढ़ रहा आकड़ा
पिछले पांच वर्षों में से प्रत्येक वर्ष मेक्सिको कनाडा से निकाले गए लोगों की राष्ट्रीयताओं की सूची में शीर्ष पर रहा, जबकि भारत इस अवधि में दूसरे स्थान पर रहा। भारत आखिरी बार 2020 में इस सूची में शीर्ष पर था, जब 1,424 भारतीय नागरिकों को कनाडा से निर्वासित किया गया था।
सीबीएसए के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 603 भारतीयों को कनाडा से निर्वासित किया गया था। 2022 में 786 भारतीयों को, 2023 में 1,132 को और 2024 में 2,004 तक पहुंच गई। सीबीएसए निर्वासन के कारणों पर एक अलग डाटाबेस रखता है, लेकिन उसमें देशवार विवरण नहीं है।
डिपोर्ट करने की वजह
कनाडा से भारतीय नागरिकों को कई तरह के इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के कारण निकाला जा सकता है। इनमें वीजा की समय-सीमा खत्म होने के बाद भी रुकना, शरण या रिफ्यूजी के दावों का खारिज होना, इमिग्रेशन नियमों का पालन न करना और वीजा धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं।
7,669 और लोगों को डिपोर्ट कर सकता है कनाडा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा में निकाले जाने की प्रक्रिया वाली सूची में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है। आने वाले समय में 7,669 और लोगों को डिपोर्ट किया जा सकता है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी लोगों को निकाले जाने के कारणों का अलग डेटा रखती है, लेकिन इन कारणों के आधार पर राष्ट्रीयता के मुताबिक जानकारी नहीं देती है।
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