यात्रियों की सुरक्षा और उनका भरोसा बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम
Pilot Drug Test, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के सभी पायलटों की अब रोज जांच होगी कि उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं या नशीले पदार्थों का नशा तो नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला 4 अगस्त की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट उड़ाने वाले कैप्टन की दोबारा हुई ड्रग टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद लिया गया है।
इस फ्लाइट में अचानक 300 फीट की ऊंचाई कम हो गई थी। इस घटना में कम से कम 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य प्रभावित हुए थे। दोनों एयरलाइंस ने पायलटों से कहा है कि मौजूदा नियमों के तहत प्रतिबंधित सभी नशीले पदार्थों और दवाओं की जांच की जाएगी।
दोनों एयरलाइंस में 5 हजार से ज्यादा पायलट
पायलटों का टेस्ट गुरुग्राम की अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान होगा। इसके अलावा फ्लाइट के बाद ब्रीफिंग सेंटर, एयरलाइंस के आॅफिस और संबंधित बेस पर भी टेस्ट किए जाएंगे। एयरलाइंस ने कहा कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और उनका भरोसा बनाए रखने के लिए उठाया गया है। दोनों एयरलाइंस में 5 हजार से ज्यादा पायलट हैं।
क्या है नियम?
पायलट्स के लिए अल्कोहल को लेकर डीजीसीए के नियम बेहद सख्त हैं। एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 24 के तहत, किसी भी पायलट या क्रू मेंबर को उड़ान से 12 घंटे पहले तक किसी भी तरह के मादक पदार्थ या अल्कोहल का सेवन करने की मनाही है। उड़ान के दौरान भी इसका सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
दोनों पायलट के ड्रग्स टेस्ट आए थे पॉजिटिव
दरअसल, इस फ्लाइट के भुवनेश्वर से गुजरते समय अचानक टर्बुलेंस जैसे हालात बने और यह करीब 300 फीट नीचे आ गई थी। जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चोटें आई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना के बाद पायलट (कैप्टन) के दो ड्रग्स टेस्ट हुए थे। दोनों टेस्ट पॉजिटिव थे। दूसरे में गांजा पीने की पुष्टि हुई थी। फ्लाइट के पैसेंजर ने आरोप लगाया था कि पायलट नशे में था।
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