Haryana News: हरियाणा के भिवानी में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो जिले के व्यापारियों को निशाना बनाकर उनके मोबाइल नंबर विदेश में बैठे अपराधियों तक पहुंचाते थे। इसके बाद व्यापारियों को फोन कर फिरौती की मांग और डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता था। CIA स्टाफ-2 की टीम ने एक आरोपी को भिवानी और दूसरे को चरखी दादरी से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
DSP अनूप कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार आईपीएस के निर्देशन में संगठित गिरोह बनाकर गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में CIA स्टाफ-2 भिवानी की टीम को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। 12 अगस्त को CIA स्टाफ-2 की टीम ASI सुभाष के नेतृत्व में दिनोद गेट चौक पर गश्त और पड़ताल कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि उमरावत बाईपास रोड स्थित भिवानी पुल के पास एक व्यक्ति संगठित अपराध से जुड़े गिरोह का सदस्य मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी को काबू कर लिया।
आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रीतम उर्फ कालिया, निवासी लेगा भानान, जिला भिवानी के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि प्रीतम करीब पांच महीने पहले जेल से बाहर आया था और जिले के व्यापारियों पर नजर रखता था। आरोप है कि वह विदेश में बैठे भगोड़े अपराधियों को व्यापारियों की जानकारी उपलब्ध कराता था। इसके अलावा उनके कहने पर व्यापारियों को डराने-धमकाने और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने में भी उसकी भूमिका थी।
DSP अनूप कुमार ने बताया कि प्रीतम के खिलाफ रोहतक के कलानौर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत और राजस्थान के चूरू थाने में धारा 109 तथा आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। इन दोनों मामलों में आरोपी जमानत पर चल रहा था। वहीं, गिरोह से जुड़े दूसरे आरोपी को CIA टीम ने 13 अगस्त की सुबह चरखी दादरी जिले के बतर खेड़ी पहाड़ से गिरफ्तार किया।
दूसरे आरोपी की पहचान अमित पुत्र जोगिंदर, निवासी गौरीपुर, जिला भिवानी के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अमित भी विदेश में बैठे अपराधियों को जिले के व्यापारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। इसके बाद विदेश में बैठे आरोपी व्यापारियों को फोन कर फिरौती मांगते और उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों, विदेश में बैठे अपराधियों से उनके संपर्क, व्यापारियों की पहचान करने, फिरौती मांगने और पूर्व में हुई अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिले में संगठित गिरोह बनाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिला पुलिस की ओर से ऐसे गिरोहों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। रिमांड के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और विदेश में बैठे अपराधियों के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।

