Cheap food near me : यहां किसी से लंबी कतार में खड़े होकर मदद मांगने की जरूरत नहीं. जेब से महज 20 रुपये निकालिए और चार रोटी-सब्जी की भरपेट थाली लेकर घर जैसा खाना खाइए. अंबाला की परोपकार सेवा सोसायटी 2018 से इस काम में लगी है. अंबाला में इस संस्था के ऐसे आठ स्टॉल हैं. रोज करीब 700 लोग यहां खाना खाते हैं. संस्था अपने इस काम को सिर्फ सस्ता भोजन बेचने की व्यवस्था नहीं मानती, बल्कि इसे लंगर सेवा का ही एक रूप बताती है. मजदूरी करने वाले रवि कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि उनके लिए यह सिर्फ सस्ता भोजन नहीं, बल्कि मेहनत की कमाई से सम्मानपूर्वक खरीदा गया खाना है. संस्था के सदस्य राजू कहते हैं कि कई बार जरूरतमंदों को भोजन मुफ्त में भी उपलब्ध कराया जाता है.
प्रमोद रिसालिया
प्रमोद रिसालिया एक अनुभवी राजनीतिक पत्रकार हैं, जो 'भारत खबर' वेब पोर्टल से जुड़े हुए हैं। उन्हें जमीनी राजनीति की बारीक समझ और तेज विश्लेषण के लिए जाना जाता है। प्रमोद लगातार राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करते हैं। उनकी लेखनी में तथ्यों की सटीकता और जन सरोकारों की गहराई साफ झलकती है। राजनीतिक घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ वे चुनावी विश्लेषण और सत्ता के समीकरणों पर भी पैनी नजर रखते हैं।
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