नई दिल्ली: आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि है. पूरा देश भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता को श्रद्धांजलि दे रहा है. हर साल की तरह ही 16 अगस्त को उनकी पुण्यतिथि मनाई जा रही है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पूज्य नेता को इस मौके पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उन्हें एक असाधारण राजनेता बताया है.
पीएम मोदी ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर X पर एक भावुक पोस्ट डाला. इसमें उन्होंने लिखा, अटल जी को उनके पुण्य तिथी पर याद कर रहा हूं. वो एक ऐसे असाधारण राजनेता हुए जिनके पास गजब की दूरदर्शिता थी. उन्होंने अपना पूरा जीवन देश सेवा में समर्पित किया. प्रधानमंत्री के अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, उन्हें आज के दिन याद किया.
Remembering Atal Ji on his Punya Tithi. An extraordinary statesman blessed with remarkable vision, he dedicated his life to the service of our nation. His words and efforts inspired generations and his leadership strengthened our nation. His focus on good governance and public…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 16, 2026
अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 93 साल की उम्र में 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली के एम्स में हुआ था. उनको एक कुशल वक्ता के रूप में जाना जाता था. वो एक गजब के लेखक और कवि भी थे. उनकी पहचान एक कुशल राजनेता के साथ-साथ बेहद शानदार कवि के रूप में भी होती है.
भारत की राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी का स्वर्ण अक्षरों में अंकित है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को एक नई पहचान दिलाई. उनको तीन बार भारत का प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला. सबसे पहली बार उन्होंने 1996 में प्रधानमंत्री पद भार संभाला था लेकिन उनकी सरकार ज्यादा दिन तक नहीं चल पाई. साल 1998 और फिर 1999 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. तीसरी बार बनी अटल बिहारी की सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया. साल 1999 से 2004 तक उन्होंने देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी निभाई. अटल बिहारी जी के कार्यकाल में ही भारत ने पोखरण-II परमाणु परीक्षण किया.

अलट बिहारी वाजपेयी की सबसे बड़ी पहचान उनके राजनितिक शिष्टाचार को बताया जाता है. वो संसद में भले ही कटू शब्दों से विपक्षी नेताओं पर हमला करते थे लेकिन बाहर के जीवन में रिश्ते सबके साथ बेहद मधुर थे. उन्होंने बेहतरीन संवाद शैली और विपक्ष के प्रति सम्मान की वजह से सबके बीच अपनी अलग पहचान बनाई. संसद में उनके दिए गए भाषणों के अंश आज भी लोग सुनते हैं. इसे सोशस मीडिया पर युवा भी काफी शेयर किया करते हैं. उनका राजनीतिक करियर संघर्षपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरा रहा. अटल बिहारी जी ने गठबंधन राजनीति के दौर में सरकार का नेतृत्व किया.
अटल बिहारी वाजपेयी को नेता के तौर पर किए गए कार्यों और बतौर कवि दिए गए योगदान के लिए 27 मार्च 2015 को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था. देश के गौरव को जब यह सम्मान दिया गया तो पूरा देश इसपर फूले नहीं समा रहा था. इस सम्मान को दिए जाने के कुछ सालों बाद ही उनका निधन हो गया. देश ने एक सच्चे नागरिक और महान नेता को खेल दिया.

