फरीदाबाद: फरीदाबाद के नीमका गांव में इन दिनों 40 रुपये की अनलिमिटेड बिरयानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. यहां एक रेहड़ी पर मिलने वाली बिरयानी का स्वाद लोगों को अपनी ओर खींच रहा है. खास बात यह है कि सिर्फ 40 रुपये में ग्राहक जितनी चाहे उतनी बिरयानी खा सकता है. आसपास कॉलेज होने की वजह से बड़ी संख्या में छात्र भी यहां पहुंचते हैं. इसके अलावा मजदूर वर्ग के लोग भी कम कीमत में भरपेट खाना खाने के लिए यहां आते हैं. पिछले करीब 3 साल से चल रही इस बिरयानी ने आसपास के इलाके में अपनी अलग पहचान बना ली है.
Local18 से बातचीत में दुकानदार मोहन झा बताते हैं कि मैं बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला हूं और पिछले करीब 3 साल से नीमका गांव में बिरयानी बेच रहा हूं. मैं 40 रुपये में अनलिमिटेड बिरयानी खिलाता हूं. मेरे मन में अनलिमिटेड बिरयानी खिलाने का विचार यहां के कॉलेज के बच्चों को देखकर आया. कई बार बच्चों के पास ज्यादा पैसे नहीं होते हैं. मैंने सोचा कि अगर कोई बच्चा 40 रुपये में भरपेट खाना खा लेगा तो वह आराम से अपनी पढ़ाई कर सकेगा.
प्राइवेट नौकरी कर चलाते थे घर
उन्होंने आगे बताया कि इसी तरह बहुत से मजदूर भी कम पैसे में खाना खाते हैं. मैंने सोचा कि अगर उन्हें कम कीमत में भरपेट खाना मिल जाए तो वह पूरे दिन आराम से काम कर सकेंगे. इसी वजह से मैंने अनलिमिटेड बिरयानी शुरू की. मोहन झा बताते हैं कि मैं पहले एक्सपोर्ट लाइन की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था. महंगाई बढ़ने के कारण नौकरी की कमाई से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था. इसके बाद मैंने अपना काम शुरू करने के बारे में सोचा.
सुबह 4 बजे से शुरू कर देते हैं काम
मोहन झा बताते हैं कि बिरयानी का काम शुरू करने से पहले मैंने अपने एक दोस्त से बिरयानी बनाना सीखा. इसके बाद मैंने रेहड़ी लगाकर बिरयानी बेचने का काम शुरू कर दिया. मैं सुबह करीब 4 बजे उठ जाता हूं और बिरयानी की तैयारी शुरू कर देता हूं. बिरयानी में खास तरह के चावल का इस्तेमाल किया जाता है. इसके बाद सुबह करीब 9 बजे रेहड़ी लगाता हूं और दोपहर 3 बजे तक बिरयानी बेचता हूं. मेरे परिवार में मम्मी, पापा, मैं, मेरी पत्नी और मेरे दो बच्चे हैं. दोनों बच्चे फरीदाबाद में ही पढ़ाई कर रहे हैं. इसी काम से परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई का खर्च चल रहा है.
10 रुपए का भी दे देते हैं बिरयानी
मोहन झा बताते हैं कि रोज करीब 15 से 20 किलो बिरयानी तैयार करके लाता हूं और ज्यादातर दिन पूरी बिरयानी खत्म हो जाती है. अगर कोई ग्राहक 10 रुपये की बिरयानी मांगता है तो उसे भी मैं बिरयानी दे देता हूं. लेकिन 40 रुपये में ग्राहक अनलिमिटेड बिरयानी खा सकता है. पिछले 3 साल में आज तक किसी ग्राहक ने बिरयानी को लेकर शिकायत नहीं की है. ग्राहक खाना खाने के बाद तारीफ करके ही जाते हैं.
हाथों से तैयार होती है खास चटनी
मोहन झा बताते हैं कि बिरयानी के साथ दो तरह की चटनी दी जाती है. इसमें धनिया और मिर्च से तैयार की गई चटनी होती है. इसके अलावा टमाटर की चटनी भी दी जाती है. बिरयानी का स्वाद और कम कीमत लोगों को यहां बार-बार आने के लिए मजबूर करती है. खासकर कॉलेज के छात्र और आसपास काम करने वाले लोग इस अनलिमिटेड बिरयानी का फायदा उठा रहे हैं.
मोहन झा बताते हैं कि मैं इसी रेहड़ी के सहारे अपने परिवार का गुजारा कर रहा हूं. पहले प्राइवेट नौकरी करता था लेकिन अब अपना काम करके ज्यादा संतुष्टि मिलती है. मेरा मकसद है कि लोगों को कम कीमत में अच्छा और भरपेट खाना मिल सके. इसी सोच के साथ मैं 40 रुपये में अनलिमिटेड बिरयानी खिला रहा हूं. यही वजह है कि नीमका गांव में मेरी बिरयानी धीरे-धीरे आसपास के इलाकों में भी पहचान बना रही है.