Jadavpur University Clash News: पश्चिम बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी में बुधवार को छात्र संगठनों के बीच विवाद के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। जनरल बॉडी मीटिंग (GB Meeting) को लेकर SFI, अन्य वामपंथी छात्र संगठनों और ABVP के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। ABVP ने अपने कई कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा किया है और कहा है कि कुछ छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। घटना के बाद पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और गुरुवार सुबह 11 बजे प्रस्तावित Jadavpur Chalo अभियान को लेकर प्रशासन भी सतर्क है।
GB मीटिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद SFI और अन्य वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से बुलाई गई जनरल बॉडी मीटिंग को लेकर शुरू हुआ। ABVP ने इस बैठक का विरोध किया और सवाल उठाया कि जब यूनिवर्सिटी में निर्वाचित छात्र संसद मौजूद नहीं है, तो GB मीटिंग बुलाने का आधार क्या है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। बहस बढ़ने के बाद धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगाए गए। ABVP का दावा है कि उसके सदस्यों के साथ मारपीट की गई, जबकि वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से आरोप लगाया गया कि ABVP ने कैंपस का माहौल खराब करने और हिंसा शुरू करने की कोशिश की।
कई छात्रों के घायल होने का दावा किया
झड़प के बाद ABVP ने दावा किया कि उसके कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। संगठन के मुताबिक घायलों में उसके जादवपुर यूनिवर्सिटी अध्यक्ष भी शामिल हैं। कुछ घायल छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि घटना को लेकर दोनों पक्षों के आरोप अलग-अलग हैं। इसलिए झड़प की शुरुआत किस तरफ से हुई और हिंसा में वास्तव में कौन-कौन शामिल था, यह पुलिस जांच में ही साफ होगा।
घायल छात्रों के साथ थाने पहुंचीं विधायक
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय विधायक शरबरी मुखर्जी जादवपुर यूनिवर्सिटी पहुंचीं। उनके साथ ABVP की ओर से घायल बताए जा रहे छात्रों को जादवपुर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। थाने पहुंचने के बाद ABVP कार्यकर्ताओं ने पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों ने झड़प के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने यूनिवर्सिटी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
कैंपस के बाहर भी बढ़ी पुलिस की मौजूदगी
बुधवार रात की घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर और उसके आसपास तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए जवानों की तैनाती की। प्रशासन की कोशिश है कि छात्र संगठनों के बीच विवाद दोबारा हिंसक रूप न ले और कैंपस में सामान्य गतिविधियां प्रभावित न हों। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए सिर्फ झड़प की जांच ही नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि कैंपस में बाहरी लोगों की मौजूदगी थी या नहीं और आग या पत्थरबाजी जैसी घटनाएं वास्तव में किन परिस्थितियों में हुईं। फिलहाल पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि GB मीटिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में कैसे बदला और इसमें वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल थे।

