नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को चयनकर्ताओं ने अचानक ही टीम से बाहर कर दिया. उनको खराब फॉर्म से उबरने के लिए विश्व कप ट्रॉफी जीतने के बाद एक सीरीज का भी मौका नहीं मिला. चयनकर्ताओं ने उनसे कप्तानी छीन कर श्रेयस अय्यर को दी और टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया. अब ये खिलाड़ी वापसी करने के लिए अपना पूरा जोर लगा रहा है. सूर्यकुमार यादव ने अपनी वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया है.
सूर्यकुमार यादव ने भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम को चैंपियन बनाया था. 7 फरवरी से 8 मार्च के बीच खेले गए इस टूर्नामेंट में कप्तान का प्रदर्शन बल्ले से बेहद निराशाजनक रहा था. इससे पहले खेली गई सीरीज और टूर्नामेंट में भी रन बनाने के लिए जूझते नजर आए थे. चयनकर्ताओं ने वर्ल्ड कप जीतने के तुरंत बाद ही उनको कप्तानी से हटा दिया. इतना ही नहीं वो टीम से भी बाहर कर दिए गए. आयरलैंड और इंग्लैंड के अलावा एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम में उनको जगह नहीं दी गई. फिलहाल इन तमाम सीरीज में उनकी वापसी मुश्किल है लेकिन वो अगले वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटे हैं.
35 साल की उम्र में भी सूर्यकुमार यादव टीम में वापसी की उम्मीद रखते हैं. उनका कहना है कि वह लगातार अपनी बल्लेबाजी पर काम कर रहे हैं और जब भी मौका मिलेगा, खुद को साबित करने के लिए तैयार रहेंगे.प्रो गोविंदा लीग के दौरान सूर्यकुमार यादव से टीम इंडिया में वापसी को लेकर सवाल किया गया. इसपर उन्होंने कहा कि वह अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.सूर्यकुमार ने कहा, “जी, देखिए मैं तो पूरी मेहनत कर रहा हूं और जो भी मेरे बस में होगा वो सबकुछ करने के लिए तैयार हूं. जितना भी इस खेल के लिए कर करता हूं वो कर रहा हूं. मेरा तो मानना है कि अगर सारी चीजें सही चली तो सबकुछ अपने आप सही जगह पर आ जाएगा.”
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2024 को जीतने के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी. सूर्यकुमार यादव को उनकी जगह पर टीम का कप्तान बनाया गया. 2026 में भारत को उन्होंने अपनी कप्तानी के दम पर वर्ल्ड चैंपियन बनाया. भारत लगातार दूसरी बार इस खिताब को जीतने वाला देख बना. इससे पहले किसी भी डिफेंडिंग चैंपियन ने ट्रॉफी पर कब्जा नहीं जमाया था. चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट ने भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया और सूर्यकुमार को टीम से बाहर कर दिया.

