नई दिल्ली. इस समय भारतीय क्रिकेट टीम के तीन बड़े नाम चर्चा में हैं. पूर्व क्रिकेट वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ के साथ वैभव सूर्यवंशी का नाम सुर्खियों में है. इसकी वजह से चयनकर्ताओं द्वारा की गई अंडर 19 टीम की घोषणा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली जाने वाली सीरीज के लिए सहवाग और द्रविड़ के बेटों को चुना गया है. BCCI ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय अंडर-19 टीम का ऐलान किया. टीम में वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को पहली बार जगह मिली जबकि राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ भी जगह बनाने में कामयाब हुए. इन सब नामों के बीच फैंस वैभव सूर्यवंशी को तलाश रहे थे लेकिन उनका नाम चयनकर्ताओं ने बाहर रखा.
वैभव सूर्यवंशी की उम्र 15 साल है और वो अंडर 19 टीम की तरफ से खेल रहे थे. उन्होंने घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग में किए गए प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में डेब्यू किया. उनकी उम्र 19 साल से कम है और भारत को पहला अंडर 19 वर्ल्ड कप जिता चुके हैं. उम्र के हिसाब से अभी कम से कम दो और अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकते थे. सवाल ये है कि चयनकर्ताओं ने उनको टीम में क्यों नहीं चुना. इस फैसले की वजह BCCI का एक पुराना नियम है.
BCCI ने साल 2016 में अपने नियम में बदलाव करते हुए हर खिलाड़ी के अंडर 19 वर्ल्ड कप खेलने पर बाध्यता तय की थी. नियम लागू होने के बाद से यह तय हो गया कि कोई खिलाड़ी चाहे उसकी उम्र 19 साल के कम ही क्यों ना हो वो दो अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकता. भारत की तरफ से संदीप शर्मा, विजय जोल, सरफराज खान और रिकी भुई जैसे खिलाड़ियों ने दो-दो अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं. इस नियम के लागू होने के बाद 2018 में वाशिंगटन सुंदर दूसरी बार टूर्नामेंट खेले से चूक गए थे.
वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय टीम की तरफ से अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलते हुए ऐतिहासिक पारी खेलकर इसका अंत किया था. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में महज 80 बॉल पर 175 रन की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली थी. इस पारी के दौरान 15 चौके और इतने ही छक्के मारे थे. भारत ने वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के सामने 411 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया.100 रन के अंतर से मुकाबला जीतकर टीम छठी बार खिताब जीतने में कामयाब हुई थी.

