Jio Platforms IPO: देश के सबसे बड़े IPO का रास्ता साफ हो गया है। अरबपति मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms को मार्केट रेग्युलेटर से 37,000 करोड़ रुपये का IPO लाने की मंजूरी शुक्रवार को मिल गई। भारत के मार्केट रेग्युलेटर से यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब देश के IPO मार्केट में तेजी आ रही है।
दो महीने में 24 से ज्यादा IPO
हाल के हफ्तों में कई ऑफरिंग्स को रिटेल इन्वेस्टर्स और अरबपतियों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। 1 जुलाई के बाद से दो महीने से भी कम समय में दो दर्जन से ज्यादा IPO की घोषणा या लॉन्चिंग हुई है, जो 2026 की पहली छमाही में दर्ज 28 IPO के लगभग बराबर है।
जियो के 53 करोड़ सब्सक्राइबर्स
जून के आखिर तक 53.3 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के साथ रिलायंस जियो चाइना मोबाइल के बाद दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर कंपनी है। हाल के सालों में कंपनी ने AI, क्लाउड और एंटरप्राइज नेटवर्क सर्विसेज के क्षेत्र में भी अपने कारोबार का विस्तार किया है।
भारत की सबसे बड़ी लिस्टिंग बनेगी
अगर जियो अपने IPO से 37,000 करोड़ रुपये जुटाती है, तो यह 2024 में हुंडई मोटर इंडिया की 30,000 करोड़ रुपये की लिस्टिंग को पीछे छोड़ देगी और भारत के इतिहास की सबसे बड़ी लिस्टिंग बन जाएगी।
27 Cr शेयर जारी करने की योजना
कंपनी की योजना IPO में कुल 27 करोड़ शेयर जारी करने की है। प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की लगभग 66.4% हिस्सेदारी है, जबकि मेटा और गूगल के पास क्रमशः लगभग 9.9% और 7.7% हिस्सेदारी है। जियो ने पब्लिक इश्यू के लिए जून में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपने ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे।
रकम से कर्ज चुकाने की योजना
आकाश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के लगभग 27500 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने की योजना बना रही है।

