Subhash chandra allegations on Mukesh Ambani: जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने लोन के NCLT में सेटलमेंट के मीडिया कवरेज को लेकर रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी को गुरुवार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने साफ कहा कि लोन के उनके मामले को अंबानी के स्वामित्व वाली मीडिया कंपनियों ने गलत तरीके से पेश किया और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुकेश अंबानी जी मीडिया ग्रुप को जबरदस्ती हथियाना चाहते हैं। हालांकि, सुभाष चंद्रा के इन आरोपों का अभी तक रिलायंस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
‘अंबानी की मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया’
सुभाष चंद्रा ने 27 अगस्त को जी पर जारी एक वीडियो में कहा कि मीडिया ने उनके मामले को गलत तरीके से पेश किया है। उन्होंने कहा कि ₹22,006 करोड़ की रकम कुल दावों से जुड़ी है, जबकि उनके मुताबिक संबंधित व्यक्तिगत दावे ₹3,992 करोड़ के हैं और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कर्ज नहीं लिया, बल्कि वे कंपनियों के पर्सनल गारंटर थे। चंद्रा ने कहा कि नेटवर्क 18 CNBC ने गलत बातें फैलाईं। चैनल ने 22,000 करोड़ रुपये के कर्ज डकारने की बात फैलाई जो पूरी तरह गलत है। सुभाष चंद्रा ने कहा मीडिया में ऐसी बातें आने के बाद उन्होंने मुकेश अंबानी को फोन भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्होंने अंबानी को पत्र लिखा।
‘संपादक ने कहा कि ऊपर से है आदेश’
सुभाष चंद्रा ने कहा, ”इस तरह की खबरें चलने पर मेरे एक मित्र ने चैनल के चीफ एडिटर को फोन करके कहा कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं, क्योंकि गलत खबर देंगे तो आपकी क्रेडिबिलिटी खराब होगी। इस पर एडिटर ने जवाब दिया कि यह मैं नहीं कर रहा, बल्कि ऊपर से आदेश है।” चंद्रा ने कहा, ”इसके बाद मैंने मुकेश अंबानी को फोन भी किया और पत्र भी लिखा। मैंने जनता की अदालत में अपनी बातें रख दी हैं बाकी जो होगा वह देखा जाएगा।”
‘जी ग्रुप के एक दिन में 40% तोड़े’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया, ”मुकेश के लोगों ने 2019 में Zee ग्रुप के 40% शेयर को एक दिन में तोड़ दिया था। इसे पकड़ा नहीं जा सकता था, क्योंकि उनकी सैकड़ों-हजारों बेनामी कंपनियां हैं, जो बाजार में ट्रेड करती हैं।” चंद्रा ने कहा, ”साल 2020 में मुश्किलें बढ़ने पर मैं मुकेश अंबानी के पास गया था और उनसे जी ग्रुप को खरीदने का अनुरोध किया। लेकिन उन्होंने कहा कि आप क्यों ब्याज समेत बैंकों के पैसे चुका रहे हैं? कोई नहीं चुकाता। उन्होंने मुझे यह सलाह दी।” इसके बाद वे वापस दिल्ली आ गए।
जी ग्रुप को हथियाने की कोशिश का आरोप
उन्होंने कहा, ”कुछ समय बाद अंबानी ने हमारे इन्वेस्को नामक एक इन्वेस्टर के साथ मिलकर गलत तरीके से जी ग्रुप को हथियाना चाहा। ऑफर मेरे परिवार के लिए तो अच्छी थी, लेकिन माइनॉरिटी शेयर होल्डर के अनुकूल नहीं थी, इसलिए डील को मैंने मना कर दिया।”
अंबानी पर प्रोपगेंडा फैलाने का आरोप
उन्होंने मुकेश अंबानी पर प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाया। चंद्रा ने अंबानी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”धीरुभाई अंबानी बेहद सुलझे हुए व्यक्ति थे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। लेकिन लगता है आपने उनसे कुछ नहीं सीखा।” उन्होंने कहा, ” मुकेश जी आप अपने लोगों को रोकिए। मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन आपके पास बहुत कुछ है। अगर आप मुझे छेड़ेंगे तो मैं आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकता हूं।”

