
दावों और आपत्तियों का डिस्पोजल प्रोसेस 29 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा
Delhi SIR, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (एसआईआर) की घोषणा की थी। महाराष्ट्र और दिल्ली में एसआईआर के तहत 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर रोल यानी प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई। दिल्ली में कुल 1 करोड़ 45 लाख मतदाता हैं। इनमें से 47 लाख 56 हजार 722 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हैं। वहीं, महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं।
डिजिटाइजेशन के लिए फॉर्म जमा न होने और अन्य तकनीकी कारणों से कई मतदाताओं के नाम फिलहाल इस सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट, विदेशी और अन्य मामले शामिल हैं। जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं, वे 30 सितंबर 2026 तक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
4 नवंबर को जारी होगी फाइनल लिस्ट
दावों और आपत्तियों का डिस्पोजल प्रोसेस 29 अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में एसआईआर का तीसरा फेज
चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (एसआईआर) की घोषणा की थी। यह एसआईआर का तीसरा फेज है। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी।
इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में एसआईआर होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।
10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ एसआईआर
एसआईआर के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। एसआईआर के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में एसआईआर ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई।
