Mansi Parekh Kailash Yatra: टीवी एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने गई थीं, तभी नेपाल में तबाही आ गई। नेपाल में आई तबाही में सैकड़ों भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर थी। सोशल मीडिया पर मानसी पारेख के लापता होने की भी अफवाहें चल रही थीं, तभी एक्ट्रेस ने सुरक्षित मुंबई लौटने की बात कही है। एक्ट्रेस ने खुद सोशल मीडिया के जरिए साफ किया कि वह सुरक्षित हैं। मानसी पारेख ईशा फाउंडेशन के साथ करीब 93 लोगों के समूह में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने अपने अनुभवों का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने ऊंचाई वाले इलाकों में पैदल चलने, खराब मौसम का सामना करने और कैलाश के अद्भुत नजारों को देखने के अनुभव को याद किया।
मुंबई एयरपोर्ट पर भावुक दिखा माहौल
मानसी पारेख के मुंबई लौटने के दौरान एयरपोर्ट पर भावुक दृश्य देखने को मिले। बाढ़ और खराब मौसम के कारण कई परिवार अपने प्रियजनों को लेकर चिंतित थे। ऐसे माहौल में यात्रा से लौटे लोगों का अपने परिवारों से मिलना बेहद भावुक कर देने वाला था। मानसी ने भी अपनी यात्रा के अनुभव को शेयर करते हुए इसे जिंदगी भर याद रहने वाला सफर बताया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर यात्रा का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि तिब्बती संस्कृति के मुताबिक ‘घोड़े के साल’ में कैलाश की यात्रा करना 13 बार कैलाश की परिक्रमा के बराबर माना जाता है। यह उनके जीवन की ऐसी यात्रा है, जो हमेशा उनके दिल में बसी रहेगी।
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20 किमी पैदल, फिर घोड़े से पूरा किया सफर
मानसी ने वीडियो में बताया कि कैलाश यात्रा के दौरान उन्हें ऊंचाई वाले इलाके में करीब 20 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। खराब मौसम और बारिश ने भी यात्रा को चुनौतीपूर्ण बनाया। एक्ट्रेस के मुताबिक उन्होंने यात्रा के लिए सुबह करीब 5 बजे बिना अलार्म के ही उठने की बात कही, क्योंकि वह बेहद उत्साहित थीं। उन्होंने ऊंचाई वाले इलाके में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य और त्वचा की देखभाल से जुड़े अपने अनुभव भी शेयर किए। मानसी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पहाड़ों में मेकअप का कोई खास मतलब नहीं रह जाता और वहां सबसे ज्यादा जरूरी सनब्लॉक होता है।
पहाड़ों के बीच शुरू हुई आध्यात्मिक यात्रा
मानसी ने बताया कि यात्रा की शुरुआत यमद्वारा से हुई। उनके अनुसार, इस जगह का आध्यात्मिक महत्व है। यह यात्रा को पुराने दुखों, शिकायतों और परेशानियों को पीछे छोड़कर एक नए आध्यात्मिक अनुभव की ओर बढ़ने के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और बारिश शुरू होने के आसार नजर आने लगे। इसके बावजूद समूह ने अपनी यात्रा जारी रखी। जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती गई, पहाड़ों के नजारे और ज्यादा खूबसूरत होते गए। इसी दौरान एक्ट्रेस को कैलाश पर्वत का पूर्वी छोर दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि उस दृश्य ने उन्हें भीतर से बेहद शांत कर दिया और उन्हें लगा कि पूरी यात्रा का संघर्ष सार्थक हो गया।
आखिरी 1 किलोमीटर घोड़े पर पूरा किया
मानसी ने बताया कि कैलाश के पूर्वी छोर के दर्शन के बाद उन्होंने यात्रा का अंतिम करीब एक किलोमीटर हिस्सा घोड़े पर बैठकर पूरा करने का फैसला किया। उनके साथ उनका शेरपा भी था। एक्ट्रेस के लिए यह पल बेहद खास रहा। उन्होंने यात्रा को समर्पण, बदलाव और स्वयं के भीतर विलीन होने से जोड़ते हुए कहा कि इस सफर ने उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया। उनका कहना है कि कैलाश यात्रा उनके अब तक के सबसे खास अनुभवों में से एक बन गई है।
जिस जगह हुआ था स्वागत, वहीं आई बाढ़
मानसी पारेख की यात्रा का सबसे भावुक पहलू उस जगह से जुड़ा है, जहां कुछ दिन पहले उनका स्वागत हुआ था। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान वह तिब्बत के ग्यारोंग पोर्ट से गुजरी थीं। इसके बाद यह इलाका अचानक आई बाढ़ से प्रभावित हो गया। मानसी ने सोशल मीडिया पर बाढ़ और तबाही का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि उन्हें अगले दिन सुबह इसी जगह पहुंचना था। उन्होंने बताया कि करीब पांच दिन पहले इसी स्थान पर उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ था और अब वही इलाका पानी में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है। अभिनेत्री ने इस प्राकृतिक आपदा पर दुख जताते हुए प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना करने की अपील भी की।
कैलाश मानसरोवर कहां स्थित है?
कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील चीन के तिब्बत क्षेत्र में स्थित हैं। दोनों पश्चिमी तिब्बत के नगरी प्रीफेक्चर के बुरांग काउंटी में आते हैं। यह क्षेत्र भारत और नेपाल की सीमाओं के करीब स्थित है और हिंदू, बौद्ध, जैन तथा बोन परंपरा में इसका गहरा आध्यात्मिक महत्व है। मानसी पारेख के लिए यह यात्रा अब सिर्फ एक याद नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव बन गई है जिसे वह जीवनभर अपने साथ रखने वाली हैं। एक तरफ कैलाश के शांत और विराट पहाड़ों ने उन्हें आध्यात्मिक सुकून दिया, तो दूसरी ओर उसी यात्रा से जुड़े इलाके में आई प्राकृतिक आपदा ने इस सफर की यादों को और भी गहरा बना दिया।

