अंबाला. हरियाणा के अंबाला शहर के धूलकोट में निर्माणाधीन तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने से बड़ा हादसा हो गया. हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 12 मजदूर घायल हैं. इस हादसे में कुल 17 मजदूर मलबे के नीचे दब हए थे. एनडीआरएफ और एस डीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाया.
अंबाला की सीएमओ रेनू पांजनी ने बताया कि अंबाला के धूलकोट में सुबह एक निर्माणाधीन तिमंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई. घायलों को तुरंत अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां 7 मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि 5 घायलों का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं 4 मजदूरों को ब्रॉट डेड लाया गया, जिनके शवों को पोस्टमार्टम रूम में शिफ्ट कर दिया गया है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनकी पूरी टीम अलर्ट पर है और यदि कोई और घायल आता है तो उसका तुरंत इलाज किया जाएगा.
सूचना मिलते ही अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत मौके पर पहुंचे और हादसे का जायजा लिया. मीडिया से बातचीत में एसपी ने बताया कि इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 से 14 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है. सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं और पूरा जिला प्रशासन मदद में जुटा हुआ है, ताकि मलबे में फंसे किसी भी मजदूर को बचाया जा सके.
मृतकों की पहचान मिस्त्री राजेंद्र (50) निवासी जलबेड़ा और शास्त्री (50) निवासी गरनाला, कालिया (50) निवासी बाराबंकी उत्तर प्रदेश, रूप सिंह (55) निवासी गांव डंगडेरा लालड़ू पंजाब के रूप में हुई है. इनके अलावा रात 11:30 बजे मलकीत सिंह (55) का शव भी निकाला गया और वह पंजाब के लालड़ू के गांव डंगडेरा का रहने वाला पूर्व सैनिक था. जो कि साइट सुपरवाइजर था.
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत मौके पर पहुंचे और हादसे का जायजा लिया.
एसपी ने कहा कि यह निर्माणाधीन बिल्डिंग थी, इसके मालिक और अन्य जानकारियां रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद जांच में सामने आएंगी. इस हादसे में मौतें और घायल दोनों हुए हैं, इसलिए इसमें लीगल एक्शन जरूर लिया जाएगा. चाहे ये अवैध निर्माण हो या फिर निर्माण में लापरवाही बरती गई हो, हर एंगल से जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि यहां काम करने वाले ज्यादातर मजदूर जंडली और आसपास के रहने वाले हैं.
12 लोग हुए घायल
हादसे में घायल 12 श्रमिकों में सिया राम के गोंडा (उत्तर प्रदेश), सतीश निवासी पूर्णिया बिहार, बलिंदर निवासी धुरकड़ा मूल निवासी जींद, फुल्लो कुमार निवासी लखीसराय बिहार, अशोक निवासी सेठी एनक्लेव अंबाला शहर, वेद प्रकाश निवासी गरनाला, दो भाई बृजेश व राजेश निवासी लखनऊ उत्तर प्रदेश, मंतोष निवासी गांव गोवाला शेखपुरा जिला पटना बिहार, रामगोपाल निवासी गांव निरंजनपुर जिला अयोध्या उत्तर प्रदेश, राजेश निवासी मोहम्मदपुर लखनऊ, रुपेश कुमार निवासी पूर्णिया बिहार, मिस्त्री वेद प्रकाश व एक अन्य घायल हैं.
लैंटर का चल रहा था काम
बताया जा रहा है कि रविवार को भवन की तीसरी मंजिल का लैंटर डाला जा रहा था. इसी दौरान दूसरी और फिर पहली मंजिल के लैंटर भी गिर गए. यह भवन अवैध रूप से बनाया जा रहा था और नक्शा पास नहीं था. 1200 गज में भवन की तीनों मंजिल चार इंची दीवारों पर खड़ी की गई.

