MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के लिए शाही मस्जिद का एक हिस्सा तोड़ने पर लोगों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत हो गई, जिसमें एक थाना प्रभारी घायल हो गए।
10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
पुलिस ने इस हंगामे के बाद जिन 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है उनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर हैं। इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। हालांकि, इनकी गिरफ्तारी की अभी तक कोई खबर नहीं आई है।
तोड़ने की कार्रवाई शुरू
उज्जैन की शाही मस्जिद को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हो गई है। तोड़े जाने वाले हिस्से को हरे रंग के नेट से ढंक दिया गया है।
100 साल से ज्यादा पुरानी है मस्जिद
मस्जिद के प्रबंधन का दावा है कि शाही मस्जिद 100 साल से ज्यादा पुरानी है। कुछ रिपोर्ट में इसे 600 साल पुरानी मस्जिद बताई गई है। प्रबंधन के मुताबिक, 17 मार्च, 1925 को सिंधिया राजघराने के समय के दस्तावेज में जमीन अधिग्रहण के बाद मस्जिद के बचे हिस्से को जस का तस रखने का उल्लेख है। इसके बाद 1975 में सड़क और यातायात के लिए मस्जिद प्रबंधन ने अपनी कुछ जमीन देने का दावा किया है। 13 सितंबर 1985 के मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र में भी मस्जिद और उसकी नपाई का जिक्र होने की बात सामने आई है।
सोमवार को कोर्ट में सुनवाई
इस बीच खबर आ रही है कि मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही मस्जिद को तोड़ना शुरू कर दिया है। मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा तोड़ा जाना है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सोमवार को ही इस पर सुनवाई होनी है।
सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की 900 मीटर सड़क 15 मीटर चौड़ी की जा रही है। इसी के लिए इमारतों को तोड़ा जा रहा है।

