
नई दिल्ली. देशभर में इस समय विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की चर्चा हो रही है. जिस तरह से करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए उसको लेकर सवाल उठ रहे हैं. मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर बढ़ते दबाव के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा निर्देश दिया है. आयोग की तरफ से उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाने को कहा है.इन सभी जगहों पर SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. यहां वोटर लिस्ट से “छूट गए” लोगों के नाम जोड़ने के लिए की पहल की जा रही है.
29 सितंबर को आयोग ने यह निर्देश लिखित रूप में सभी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भेजा. इतना ही नहीं इससे लेकर किसी तरह की कोई कमी ना छोड़ी जाए यह भी तय किया गया. गुरुवार को सभी CEOs के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी इस निर्देश को दोहराया गया. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों पर सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की बात सामने आई थी.
चुनाव आयोग के सचिव की ओर से सभी CEOs को भेजे गए पत्र में कहा. जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है, वहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. इसमें निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) लगातार अपडेट की प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से छूटे हुए लोगों और युवा/पहली बार मतदान के पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ेंगे. इस अभियान का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है. आयोग ने उन मतदाताओं की पहचान करने और उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिनके नाम SIR से पहले की मतदाता सूची में थे, लेकिन मौजूदा सूची में शामिल नहीं हैं.
ECI के आदेश के अनुसार, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मौजूदा मतदाता सूची की तुलना SIR से पहले वाली मतदाता सूची से करेंगे. इस दौरान ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी जिनके नाम प्री-SIR मतदाता सूची में मौजूद थे लेकिन अब नहीं हैं. BLO को ऐसे सभी मतदाताओं की अलग सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. आयोग की तरफ से साफ तौर पर बताया गया है कि BLO इन चिन्हित मतदाताओं के संबंध में घर-घर जाकर (H2H) दौरा करेंगे. इस दौरान उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर पूरी जानकारी ली जाएगी.
इसके लिए संबंधित मतदाताओं को फॉर्म-6 के जरिए नामांकन की सुविधा दी जाएगी. ECI का यह निर्देश SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम छूट जाने की शिकायतों के बीच आया है. आयोग ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहें. छूटे हुए लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में शामिल किया जा सके.
