उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों से अब मानसून विदा हो चुका है और मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है. बारिश का दौर खत्म होने के साथ अब सुबह और शाम ठंड का हल्का हल्का एहसास भी शुरू होने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश की गतिविधियों, बादलों और हवा में नमी में लगातार कमी आ रही है. इसके साथ ही उत्तर दिशा से चलने वाली शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ रहा है. यही वजह है कि उत्तर भारत में अब बारिश के बजाय साफ आसमान और धीरे धीरे गिरते तापमान का दौर शुरू होने वाला है. हालांकि इसके बाद देश की कई हिस्सों में कल यानी 4 अक्टूबर को बारिश और तूफानी हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. आईएमडी के मुताबिक, कल बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित करीब 15 राज्यों में हल्की फुल्की बारिश हो सकती है. वहीं कुछ स्थानों पर इस दौरान 60 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है.
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के निचले वायुमंडलीय स्तरों पर बने एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से शुष्क उत्तरी हवाएं चल रही हैं. इन परिस्थितियों ने मानसून की वापसी को और तेज कर दिया है. मानसून अब उत्तर भारत के बाकी हिस्सों, पूरे गुजरात और मध्य प्रदेश के साथ-साथ बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी पीछे हट चुका है.
मानसून की वापसी कहां तक पहुंची?
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा अब सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती, हरनाई तक पहुंच गई है. यानी आने वाले दिनों में देश के कई और हिस्से मानसून के प्रभाव से बाहर हो जाएंगे.
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2-3 दिनों में मराठवाड़ा और विदर्भ के ज्यादातर हिस्सों, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो जाएंगी. साफ है कि अक्टूबर की शुरुआत में मानसून देश के बड़े हिस्से से विदा होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसका सीधा असर यह है कि उत्तर भारत में मानसूनी नमी तेजी से कम हो रही है.
दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR के लिए कल यानी 4 अक्टूबर का दिन फिलहाल राहत भरा रहने वाला है. IMD के मुताबिक राजधानी में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है. दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के साथ वातावरण में नमी और बादल भी घटे हैं. इसके साथ ही उत्तर दिशा से शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. यानी दिल्ली में धीरे-धीरे मौसम में हल्की ठंडक का अहसास बढ़ सकता है. मानसून की विदाई के बाद शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ने से आने वाले दिनों में सुबह और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है.
यूपी में फिर बदल सकता है मौसम
उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तर गुजरात तक राजस्थान के रास्ते एक ट्रफ भी सक्रिय है. इस कारण पूर्वी यूपी में अगले कुछ दिनों के दौरान हल्की से मध्यम दर्ज की बारिश देखने को मिल सकती हैं.
IMD के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. खासकर पूर्वी जिलों में स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
उत्तराखंड में बारिश के साथ आंधी-तूफान
उत्तराखंड में 5 से 9 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है. पहाड़ी इलाकों में मौसम में बदलाव का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है. मौसम विभाग ने 5 से 7 अक्टूबर के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब होने की संभावना जताई है.
हिमाचल प्रदेश में भी 6 से 8 अक्टूबर के बीच गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 6 से 8 अक्टूबर के दौरान छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. 9 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़कर काफी व्यापक हो सकती हैं.
बिहार में बढ़ेगा बारिश का दौर
बिहार में मानसून की विदाई के बावजूद मौसम पूरी तरह साफ होने वाला नहीं है. IMD के मुताबिक राज्य में 6 से 9 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर भी बिहार के मौसम पर पड़ सकता है.
बिहार में 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कुछ स्थानों पर यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक झोंकों के साथ चल सकती है.
वहीं झारखंड में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है. राज्य में 5 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.
मानसून की वापसी के बावजूद पूर्वी भारत में बने मौसमी सिस्टम और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय परिसंचरण के कारण झारखंड में बारिश जारी रह सकती है. इसके अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी 3 से 9 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
दक्षिण भारत में बारिश का जोर
4 अक्टूबर को दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं. केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
केरल और माहे के साथ-साथ आंध्र प्रदेश में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है. अगले कुछ दिनों में केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश भी हो सकती है.
उधर पूर्वोत्तर भारत में भी 4 अक्टूबर को मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा. असम और मेघालय के अलावा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं गरज-चमक की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई थी और अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.
नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर के कई राज्यों में 3 से 9 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. ऐसे में पूर्वोत्तर के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है.
मध्य और पश्चिम भारत में क्या हाल?
मध्य भारत में भी बारिश का दौर कुछ दिनों तक जारी रह सकता है. छत्तीसगढ़ में 5 से 9 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है. 6 और 7 अक्टूबर को यहां गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 7 से 9 अक्टूबर और पश्चिमी हिस्सों में 8 और 9 अक्टूबर को छिटपुट बारिश की संभावना है. पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में 6 से 9 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है.
मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि देश के हर हिस्से में बारिश तुरंत खत्म हो जाएगी. इस समय कई स्थानीय और ऊपरी वायुमंडलीय प्रणालियां सक्रिय हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण, राजस्थान से उत्तर गुजरात तक सक्रिय ट्रफ और बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर के आसपास बने सिस्टम अलग-अलग इलाकों में बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं.

