Rajasthan Panchayat Elections News: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव 2026 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने 3 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम जारी किया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग के मुताबिक इस चुनाव में चार करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
चार चरणों में होगा मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार पंचायती राज चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। मतदान की तारीखें 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर 2026 निर्धारित की गई हैं। अलग-अलग चरणों में ग्राम पंचायतों सहित संबंधित पंचायती राज संस्थाओं के लिए मतदान कराया जाएगा। राजस्थान में कुल 14,403 ग्राम पंचायतें, 457 पंचायत समितियां और 41 जिला परिषदें हैं।
8 अक्टूबर से शुरू होंगे नामांकन
चुनाव आयोग के मुताबिक पंच, सरपंच और जिला परिषद सदस्यों के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर रखी गई है, जबकि उम्मीदवार 15 अक्टूबर तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता प्रभावी हो गई है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक और चुनावी गतिविधियां आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी।
25 नवंबर को जिला प्रमुखों का चुनाव
पंचायती राज चुनाव में केवल पंच और सरपंच पद ही शामिल नहीं हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों के चुनाव के बाद जिला प्रमुख, प्रधान तथा अन्य प्रमुख पदों के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। आयोग की घोषणा के अनुसार जिला प्रमुख के चुनाव 25 नवंबर 2026 को होंगे। पूरी पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया 28 नवंबर 2026 तक पूरी होने की जानकारी दी गई है।
20 जिलों में महिला जिला प्रमुख
इस बार पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़ा आरक्षण भी महत्वपूर्ण रहेगा। उपलब्ध चुनावी कार्यक्रम संबंधी जानकारी के अनुसार 41 जिला प्रमुख पदों में से 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत स्तर पर भी बड़ी संख्या में सरपंच पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। चुनावी व्यवस्था के तहत प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव होंगे। वहीं पंचायत समितियों और जिला परिषदों के सदस्यों का भी निर्वाचन कराया जाएगा। यह चुनाव राजस्थान के ग्रामीण स्थानीय शासन के लिए व्यापक स्तर का निर्वाचन होगा।

