नई दिल्ली. न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जाने वाली टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है. मंगलवार, 6 अक्टूबर को चुनी गई टीम में चार साल के बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी हुई. ये सब तब हुआ है जब अजीत अगरकर की मुख्य चयनकर्ता के पद से छुट्टी कर दी गई. टीम सलेक्शन के लिए हुई मीटिंग में प्रज्ञान ओझा ने उनकी जिम्मेदारी को उठाया. फिलहाल मुख्य चयनकर्ता के तौर पर वो काम कर रहे हैं. इस मीटिंग में पूर्व बल्लेबाज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भी मौजूद थे.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वीवीएस के मीटिंग में होने पर जानकारी दी है. यह साफ किया है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण गुवाहाटी में हुई बैठक में क्यों मौजूद थे. BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने इसे लेकर बात की. उनकी तरफ से बताया कि बोर्ड ने फैसला किया है कि आगे से लक्ष्मण सभी चयन बैठकों में शामिल होंगे. इससे खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर CoE और बोर्ड के बीच किसी भी तरह की ‘गलतफहमी’ से बचा जा सके.
वीवीएस लक्ष्मण की पावर बढ़ी
लक्ष्मण की सलेक्शन कमेटी की बैठक में मौजूदगी के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगने लगी थीं. यह उस समय हुआ जब BCCI ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर चयन समिति में एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए. यह पद अजीत अगरकर के जाने के बाद खाली हुआ है. कुछ महीने पहले लक्ष्मण का नाम भी इस पद के संभावित दावेदारों में चर्चा में आया था. देवजीत सैकिया ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा, “वह BCCI में क्रिकेट के प्रमुख हैं [CoE]। उनके पास खिलाड़ियों की चोटों से जुड़ी पूरी जानकारी होती है. इसलिए किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए लक्ष्मण को आगे से चयन बैठकों में शामिल होना चाहिए. मुंबई में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह फैसला लिया गया था.”
वीवीएस नहीं बन सकते चीफ सलेक्टर
अजीत अगरकर के चीफ सलेक्टर पद से हटने के बाद अब उनकी जगह कौन लेगा इसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट में पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल का नाम सामने आया था. वहीं कुछ वीवीएस लक्ष्मण को भी इस पद का दावेदार बता रहे हैं. यह भी ध्यान देने वाली बात है कि लक्ष्मण सीधे तौर पर अगरकर की जगह नहीं ले सकते, क्योंकि वह साउथ जोन से आते हैं, जबकि खाली हुआ पद वेस्ट जोन के चयनकर्ता का है.

