Delhi CJP Protest News: दिल्ली में 10 अक्टूबर यानी आज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रोटेस्ट होने वाला है। इसे देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस प्रदर्शन को देखते हुए इंडियन रेलवे ने दिल्ली आने-जाने वाली 245 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका के चलते कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस, श्रमशक्ति एक्सप्रेस और कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी जैसी प्रमुख ट्रेनें भी शामिल हैं।
75 मेल-एक्सप्रेस, 170 पैसेंजर ट्रेनें रद्द
रेलवे ने कुल 245 ट्रेनों को रद्द किया है। इनमें 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें, जबकि 170 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है और कुछ की यात्रा बीच के स्टेशनों तक सीमित की गई है। रेलवे के अनुसार यह फैसला 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों के आसपास भारी ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य यात्रियों को होने वाली परेशानी कम करना है।
उत्तर प्रदेश की कई प्रमुख ट्रेनें रद्द
रद्द की गई ट्रेनों में उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने वाली कई महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं।
प्रयागराज एक्सप्रेस (12417): प्रयागराज से नई दिल्ली।
कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस (12033): कानपुर सेंट्रल से नई दिल्ली।
श्रमशक्ति एक्सप्रेस (12451): कानपुर सेंट्रल से नई दिल्ली।
प्रयागराज हमसफर एक्सप्रेस (12275): प्रयागराज से नई दिल्ली।
यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12447): मानिकपुर से हजरत निजामुद्दीन।
इनके अलावा राजेंद्र नगर-नई दिल्ली तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति और अन्य प्रमुख रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन जाने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी यातायात प्रभावित होने की आशंका को लेकर एडवाइजरी जारी की है। प्रदर्शन का मुद्दा मतदाता सूची में किए जा रहे संशोधन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। प्रदर्शन आयोजकों ने मतदाता सूची में बदलावों पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।

