नई दिल्ली. देश की राजधानी में चल रहा आंदोलन इस समय चर्चा में बना हुआ है. इसे लेकर हर दिन कोई ना कोई बड़ा बवाल हो रहा है. मंगलवार को धरना प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित किए गए जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका पहुंचे और तिरंगा लहराया. इसके बाद उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. इन सभी को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर हुई एक घटना के सिलसिले में की गई है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञनेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे सीजेपी नेताओं पर पुलिस ने डिटेन करने के बाद FIR किया था. सौरव दास और आशुतोष रांका पर आरोप है कि उन्होंने गैर कानूनी काम किए. प्रदर्शन स्थल को धरना-प्रदर्शन के लिए लिस्ट से हटाए जाने के एक दिन बाद वहां जाने करने की कोशिश की थी. दिल्ली पुलिस के अनुसार कार्यकर्ताओं ने उनके बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया. 10 अक्टूबर को इन सभी को सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ दिल्ली पहुंचते ही हिरासत में लिया गया था. दिल्ली पुलिस ने उनको फ्लाइट में घुसकर डिटेन किया था और फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था.
Cockroaches @AjinkyaCJP, @AshutoshRanka & @SauravDassss inside the parliament street police station. Nothing can break their spirits.
What a cool picture @whattalawyer https://t.co/aMtdwZb9Ip
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 13, 2026
CJP के सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अभिष्ट हेल ने इसे लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस आशंका के आधार पर कार्यकर्ताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा कि वे कोई अपराध कर सकते हैं. हेल का आरोप है कि पुलिस ने अदालत के सामने लोगों को जंतर-मंतर पर जुटने का आह्वान किए जाने को लेकर गलत जानकारी दी. हेल ने कहा, “पुलिस की इस आशंका के आधार पर उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है कि वे कोई अपराध कर सकते हैं.”

अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत में दावा किया कि कार्यकर्ताओं ने लोगों से मौके पर पहुंचने की अपील की थी. ऐसा कोई आह्वान नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन भी नहीं किया है. हेल ने कहा, “उन्होंने बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस से जुड़ी एक अलग शिकायत का इस्तेमाल इस मामले में किया गया.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तस्वीर शेयर की थी. इसमें सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे संसद मार्ग थाने के अंदर दिखाई दे रहे थे. मंगलवार को पोस्ट में दिपके ने लिखा, “कॉकरोच अजिंक्य, आशुतोष और सौरव संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के अंदर हैं. कोई भी उनका हौसला नहीं तोड़ सकता. यह कितनी शानदार तस्वीर है.”
दिपके ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों को आपातकाल जैसी पाबंदियां लगानी हैं, तो उन्हें आधिकारिक रूप से घोषित करना चाहिए. अनौपचारिक तरीके से कार्रवाई नहीं करनी चाहिए. अगर आप आपातकाल लगाना चाहते हैं, तो आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा कीजिए.”

