Stock Market Update: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को एक बार फिर गिरावट देखने को मिली। सोमवार की रिकवरी के बाद घरेलू बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 377 अंक गिरकर 73,229 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 76 अंक टूटकर 22,676 के स्तर पर आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता का असर बाजार पर दिखाई दिया। कई दिनों से शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव दिख रहा है।
कच्चे तेल की तेजी से बाजार पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड करीब 114.91 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 100.85 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। सऊदी अरब पर हमलों और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है। भारत अपनी तेल जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से आयात बिल बढ़ने और महंगाई पर दबाव पड़ने की आशंका है। इसका असर कंपनियों की उत्पादन लागत और मुनाफे पर भी पड़ सकता है।
अमेरिकी फेड के फैसले का भी असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण शेयर बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति प्रभावित हुई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश पर दबाव डाल सकती है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ समर्थन मिलने की उम्मीद है।
आईटी और अन्य प्रमुख शेयरों में बिकवाली
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में कमजोरी दिखाई दी। इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयर दबाव में रहे। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाइटन, जेएसडब्ल्यू स्टील और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर बीईएल, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, सन फार्मा, टाटा कंज्यूमर, इंडिगो, एलएंडटी और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। हालांकि अलग-अलग शेयरों में उतार-चढ़ाव के बीच बाजार की व्यापक दिशा वैश्विक संकेतों से प्रभावित रही।
निफ्टी के अहम स्तरों पर निवेशकों की नजर
कारोबार के दौरान निफ्टी 22,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 22,875 से 23,000 का क्षेत्र तत्काल रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि 22,500 और 22,250 के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में देखे जा रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक घटनाक्रम से बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता बनी रहने की संभावना है। सोमवार की तेजी के बाद मंगलवार को बाजार में लौटी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

