Uttarakhand News: पटना हाईकोईट के जज जस्टिस सुधीर सिंह उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बनेंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 अक्टूबर को हुई बैठक में यह सिफारिश की। हालांकि, उनकी नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार की औपचारिक अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में रहे जज
जस्टिस सुधीर सिंह का पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में तबादला वर्ष 2023 में हुआ था। उन्होंने 2 नवंबर, 2023 को हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद, केंद्र सरकार ने 14 जुलाई, 2025 को उन्हें वापस पटना हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की अधिसूचना जारी की थी।
1991 में बने थे वकील
जस्टिस सुधीर सिंह ने 1991 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया था। न्यायाधीश बनने से पहले उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक वकालत की। पटना हाईकोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने रांची के विकास विद्यालय से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद पटना कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक और पटना लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल की।
सरकार को भी दीं सेवाएं
वकालत के दौरान उन्होंने भारत सरकार के केंद्रीय अधिवक्ता, रेल मंत्रालय के रेलवे अधिवक्ता और भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दीं। वह पटना हाईकोर्ट में भारत सरकार के सहायक सॉलिसिटर जनरल भी रहे। उनकी वकालत का प्रमुख क्षेत्र आपराधिक और रिट मामले रहे। उन्हें 15 अप्रैल, 2015 को पटना हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 20 अप्रैल, 2016 को वह स्थायी न्यायाधीश बने।
कानूनी क्षेत्र से जुड़ा है परिवार
जस्टिस सिंह का परिवार भी कानूनी क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके पिता जस्टिस एनपी सिंह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं। उन्होंने कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण की अध्यक्षता भी की थी। उनके दादा बलदेव प्रसाद सिंह बैरिस्टर थे और पटना हाईकोर्ट में वकालत करते थे।

