
नई दिल्ली. शुक्रवार, 30 अक्टूबर को उत्तराखंड से जो खबर आई उसने हर किसी को झकझोर दिया. जोशीमठ में एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया. बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा छह लोगों को लेकर उड़ रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई. इसमें दिल्ली के पायलट, बेंगलुरू के पुलिसकर्मी और वकील शामिल थे.
उत्तराखंड में हुए इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया था. शुरुआत में हेलीकॉप्टर के लापता होने की सूचना मिली थी.हादसे में जान गंवाने वाले पांच यात्री बेंगलुरु के रहने वाले थे. हेलीकॉप्टर का पायलट दिल्ली का निवासी था. पायलट की पहचान 48 साल के हिमांशु सभरवाल के रूप में हुई है. वह पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में रहते थे.
मृतक यात्रियों की पहचान 41 साल के प्रताप बी निंगराजू, 44 वर्षीय अरुण सालुंके, 49 साल के सुधीर के, 51 साल के एचएस नटराज और 39 साल के शंकर गौड़ा वीबी के रूप में हुई है. ये सभी बेंगलुरु के निवासी थे. अरुण सालुंके पुलिसकर्मी थे, जबकि शंकर गौड़ा पेशे से वकील थे.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हादसे के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की मदद से राहत और बचाव अभियान चलाया गया. घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया. अधिकारी हादसे से जुड़ी जानकारियां जुटाने और उनकी पुष्टि करने में लगे रहे.
ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर VT-HCX शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुआ था. जोशीमठ के सामने हाथी पहाड़ पर स्थित सेना की पोस्ट के पास हेलीकॉप्टर से आखिरी बार संपर्क हुआ था. चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि प्रशासन को घटना की जानकारी मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था.
