IMD Weather Update 28 October 2026: अक्टूबर के आखिरी दिनों में देश के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। कहीं बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना है, तो कहीं तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 28 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत में दिल्ली-NCR, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जबकि देश के पूर्वी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में चक्रवाती तूफान से जुड़ी मौसमी गतिविधियां मौसम बिगाड़ सकती हैं। इस मौसम बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और उत्तर भारत को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR में 28 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह के समय उत्तर-पूर्वी हवाएं चलने और हवा की गति करीब 12 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में भी बादलों की आवाजाही और मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 29-30 अक्टूबर को गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका है।
हरियाणा में बारिश और तेज हवाएं
हरियाणा में 28 से 31 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है। IMD के अनुसार 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाओं और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के मौसम में बदलाव की संभावना है, हालांकि बारिश का वितरण असमान रह सकता है। जिलों की बात करें तो गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, कैथल, जींद, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है।
पंजाब में अगले कुछ दिनों बदलेगा मौसम
पंजाब में 28 अक्टूबर को कोई विशेष मौसम चेतावनी नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर जिले में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। राज्य में 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जबकि 31 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इस बदलाव का संबंध उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से है। अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, संगरूर, बरनाला, मलेरकोटला, बठिंडा, मानसा, मोगा, फरीदकोट, मुक्तसर और फाजिल्का में मौसम की स्थिति स्थानीय स्तर पर अलग-अलग रह सकती है।
हिमाचल में पहाड़ों पर बदलेगा मौसम का मिजाज
हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज मैदानी इलाकों से अलग रह सकता है। IMD के पूर्वानुमान में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अलग-अलग दिनों पर हल्की से छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है, जबकि निचले क्षेत्रों में दिन के समय अपेक्षाकृत सामान्य मौसम रह सकता है। फिलहाल प्रत्येक जिले के लिए एक जैसी बारिश या बर्फबारी की चेतावनी मानना उचित नहीं होगा। शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना में स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है।
UP, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती तूफान से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना महत्वपूर्ण बनी हुई है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बादल, तापमान में गिरावट और कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 29-30 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में चक्रवात का असर
देश के अन्य हिस्सों में सबसे गंभीर मौसम गतिविधि बंगाल की खाड़ी में बने अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब से जुड़ी है। तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम तट के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई थी। इस दौरान 125-135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके संभव बताए गए। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना और ओडिशा में भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा है, जबकि छत्तीसगढ़ में 28-29 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश की आशंका है। विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। झारखंड में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम बिगड़ने की संभावना है। बिहार में 29-30 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

