नई दिल्ली. देश की राजधानी की हवा एक बार फिर से चिंताजनक स्थिति में पहुंच रही है. लोगों को घर से बाहर निकलना और घूमना मुश्किल होने वाला है. रविवार को दिल्ली का औसत AQI 261 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में रहा. बुधवार तक हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ होने का अनुमान है. दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सोमवार को और बिगड़ गई.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, ITO इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 349 पर पहुंच गया. इसके साथ ही यह इलाका ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आ गया. राजधानी में प्रदूषण का स्तर दिवाली से कुछ दिन पहले तेजी से बढ़ा है. इससे एक दिन पहले रविवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 261 दर्ज किया गया था जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. शनिवार को यह आंकड़ा 117 था और हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में थी. पिछले सप्ताह हुई बारिश और तेज हवाओं से प्रदूषण में जो थोड़ी राहत मिली थी, वह अब खत्म होती दिख रही है.

सोमवार सुबह ITO का AQI 349 दर्ज किया गया. CPCB के वर्गीकरण के मुताबिक, 301 से 400 के बीच AQI को ‘बहुत खराब’ और 201 से 300 के बीच के स्तर को ‘खराब’ श्रेणी में रखा जाता है. रविवार को CPCB के शाम 4 बजे के बुलेटिन में दिल्ली का औसत AQI 261 था. इसके बाद भी प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा. शाम 6 बजे AQI 272, रात 10 बजे 287 और 11 बजे तक 290 पहुंच गया. रविवार का औसत AQI 17 अप्रैल के बाद सबसे अधिक था. उस दिन यह 263 दर्ज किया गया था. वहीं, शुक्रवार को बारिश और तेज हवाओं के कारण AQI घटकर 60 पर आ गया था, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है.
रविवार को दिल्ली के 59 में से 57 निगरानी केंद्रों के आंकड़े उपलब्ध थे. इनमें से 22 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई. 57 निगरानी केंद्रों में से 50 पर PM2.5 सबसे प्रमुख प्रदूषक रहा, जबकि बाकी सात केंद्रों पर PM10 का स्तर अधिक था.
| इलाका | AQI |
|---|---|
| जहांगीरपुरी | 378 |
| रोहिणी | 352 |
| पंजाबी बाग | 351 |
| मुंडका | 337 |
| आरके पुरम | 335 |
| चांदनी चौक | 328 |
केंद्र के एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AQEWS) के पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को दिल्ली की हवा ‘खराब’ श्रेणी में रह सकती है. बुधवार तक इसके ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है. अगले छह दिनों के पूर्वानुमान में भी हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी के बीच रहने की संभावना जताई गई है. दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान भी बढ़ा है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के अनुसार, रविवार को पराली जलाने का योगदान 18.57 फीसदी रहा, जबकि शनिवार को यह 5.33 फीसदी था.
मौसम की परिस्थितियां भी प्रदूषकों को फैलने से रोक रही हैं. तापमान में गिरावट, हवा की कम रफ्तार और कोहरा प्रदूषकों को जमीन के करीब रोक सकते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम था. मौसम विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि हवा की धीमी गति और उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने वाली हवाओं के कारण प्रदूषण लंबे समय तक वातावरण में बना रह सकता है.

