हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ क्षेत्र में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) की स्थापना को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में किसानों को जागरूक करने और परियोजना की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एचएसआईआईडीसी के चीफ कोऑर्डिनेटर इंडस्ट्रीज सुनील शर्मा ने किसानों को IMT परियोजना, भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया और लैंड पुलिंग योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नारायणगढ़ में बनने वाली इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए बड़ा कदम साबित होगी। इस परियोजना से इलाके में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं को उद्योगों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
पहले चरण में 750 एकड़ जमीन की होगी रजिस्ट्री
शिविर के दौरान बताया गया कि परियोजना के प्रथम चरण में करीब 750 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री करवाई जाएगी। किसानों को रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े जरूरी दस्तावेजों और ऑनलाइन प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
सुनील शर्मा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से और किसानों की सहमति के आधार पर की जा रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों के हितों को सुरक्षित रखते हुए क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
किसानों के लिए तय हुआ 1.55 करोड़ रुपये प्रति एकड़ रेट
हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हाई पावरड लैंड परचेज कमेटी की बैठक हुई थी। इस बैठक में किसानों की सहमति से जमीन का रेट 1 करोड़ 55 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया गया।
सरकार का कहना है कि किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा देने के साथ-साथ उन्हें विकास प्रक्रिया का भागीदार बनाया जाएगा।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई दिशा
जिला परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन पवन गुर्जर और पूर्व सरपंच रणधीर सिंह भूरेवाला ने कहा कि IMT की स्थापना से नारायणगढ़ क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उद्योग और किसानों दोनों को साथ लेकर चल रही है।
उन्होंने किसानों द्वारा परियोजना में दिए जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम आने वाले समय में क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि IMT बनने से नारायणगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा, जिससे रोजगार, व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी गति मिलेगी।

