
कहो न प्यार है से हिंदी सिनेमा में रखा था कदम
Ameesha Patel, (द भारत ख़बर), मुंबई: अभिनेत्री अमीषा पटेल ने ऋतिक रोशन स्टारर कहो न प्यार है से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। उसके बाद उन्होंने गदर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी। उस वक्त अमीषा हर फिल्ममेकर की पहली पसंद थीं। सभी उन्हें अपनी फिल्म में लेना चाहते थे। अब एक इंटरव्यू में अमीषा ने बताया है कि आमिर खान की लगान के लिए उन्होंने हां कर दी थी, और डेट्स भी दे दी थीं। लेकिन उनकी पर्सनैलिटी और आंखों की वजह से उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया गया। यही आंखें और पर्सनैलिटी उनके लिए फायदेमंद साबित हुई, जब उन्हें गदर में सकीना के रोल के लिए कास्ट किया गया।
अमीषा पटेल ने बॉलीवुड बबल को एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें अपने करियर के शुरूआती दौर के बारे में कई खुलासे किए। इस दौरान उन्होंने बताया, मैंने लगान के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया था और चुनी भी गई थी। मैंने लगान के लिए डेट्स भी दे दी थीं।
जब मैं कहो न प्यार है कि शूटिंग न्यूजीलैंड में कर रही थी तो मेरे मैनेजर ने फोन कर के बताया कि सॉरी, लगान की डेट्स मैं रिलीज कर रहा हूं, क्योंकि आशुतोष जी (लगान के निर्देशक आशुतोष गोवारिकर) को लग रहा है कि गांव का रोल करने के लिए आपकी आंखें कुछ ज्यादा ही पढ़ी लिखी (लड़की की) लगती हैं। और आपकी स्किन भी ज्यादा ही चमकदार है। इसलिए शायद वो गांव वाली बात आ नहीं पाएगी, क्योंकि आपकी पर्सनैलिटी बहुत एजुकेटेड पर्सनैलिटी है।

जिस वजह से गदर मिली, उसी वजह से लगान से निकाला गया
अमीषा ने बताया कि इसी वजह से उन्हें सनी देओल स्टारर गदर मिली थी। वो कहती हैं, इसी वजह से मुझे गदर के लिए चुना गया था। सकीना का जो कैरेक्टर था वो एक बहुत ही सहमी हुई, पढ़ी लिखी, राजनीतिक रूप से स्मार्ट लड़की थी, जो राजनीतिक बैकग्राउंड से आती है। तो जिन वजहों से मुझे गदर के लिए चुना गया था। सकीना के रोल के लिए।
प्रोड्यूसर बताई ये वजह
अमीषा ने आगे बताया कि जब उन्होंने प्रोड्यूसर से पूछा कि आपने मुझे सकीना के लिए क्यों चुना तो उन्होंने कहा था कि फिल्म में एक लाइन है, जो सनी देओल यानी तारा सिंह कहता है, मैडम जी, चांद को उछल कर छूना चाहूं तो छू नहीं सकता। उन्होंने कहा कि उन्हें एक ऐसा चेहरा चाहिए था जो चांद लगे। वो मासूमियत, वो नूर। इसके अलावा उसमें एक पढ़ी-लिखी लड़की की बॉडी लैंग्वेज हो।

अमीषा के मुताबिक प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था कि एक्टिंग तो हम सिखा सकते हैं या करवा सकते हैं या री टेक ले सकते हैं। पर जो पढ़े लिखे शख्स की पर्सनैलिटी होती है वो बहुत अलग होती है। अमीषा ने कहा कि इसी पढ़ी लिखी पर्सनैलिटी की वजह से आशुतोष जी को लगा कि शायद मैं लगान के लिए ज्यादा ही पढ़ी लिखी लगूंगी।
लगान-गदर एक ही दिन रिलीज हुई थी
अमीषा ने कहा कि मैंने तो डेट तक दे दी थीं। पर डायरेक्टर को लगा कि मैं गांव की लड़की के रोल में सही नहीं लगूंगी। वो कहती हैं, नहीं तो सोचो, लगान और गदर एक ही दिन रिलीज हुई थी, 14 जून 2001 को। मैं दोनों ही फिल्मों में होती। मेरे लिए तो बहुत मुश्किल हो जाता कि किस फिल्म के लिए चियर करूं।
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