हजारों ईरानी नागरिकों ने देश व सेना के पक्ष में निकाला मार्च, ईरानी झंडे लहराए और सेना के समर्थन में नारे लगाए
US-Iran Conflict (द भारत ख़बर), तेहरान : एक तरफ जहां अमेरिकी राष्टÑपति ने फिर से ईरान पर हमले करने संबंधी बयान जारी किया है तो वहीं इस मुश्किल समय में ईरान की जनता ने इसका करारा जवाब देते हुए सड़कों पर उतरकर सरकार और सेना का समर्थन किया। हजारों की संख्या में देश भर में लोग सड़कों पर उतरे। उनके हाथों में ईरान के झंडे थे और वे ईरानी सेना के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।
रैलियों में शामिल लोगों ने कहा कि वे देश और सेना के साथ मजबूती से खड़े हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़े तनाव के बीच ईरान घरेलू समर्थन का प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान, इस्फहान और अन्य शहरों में भी इसी तरह के मार्च और प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय एकता और सैन्य ताकत का संदेश देने की कोशिश की।
हम दोबारा युद्ध के लिए तैयार : अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका के साथ चल रही बातचीत बेनतीजा रही तो ईरान सीधे युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इस टकराव का असर अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि तेहरान हर स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिए कि यदि बातचीत से स्वीकार्य नतीजे नहीं निकले तो सैन्य विकल्प भी खुला रहेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान-इजराइल-अमेरिका तनाव का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। उनके मुताबिक ऊर्जा लागत और महंगाई तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड्स, मॉर्गेज रेट्स और आॅटो लोन डिफॉल्ट बढ़ने का भी जिक्र किया।
अमेरिका को चुकानी पड़ रही कीमत
ईरान ने कहा कि संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद है। दुनिया के करीब 20% तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार और ईंधन कीमतों पर असर बढ़ने की आशंका है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इसी बीच ईरान लगातार सख्त संदेश देकर दबाव की रणनीति अपना रहा है।

