ईरान पर हमले का शक
Iran Hormuz Traffic System, तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: यूएई के अल धफरा इलाके में स्थित बराकाह न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के बाहर ड्रोन हमले के बाद एक बिजली जनरेटर में आग लग गई। अबू धाबी मीडिया आॅफिस के मुताबिक इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। साथ ही न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा और रेडिएशन स्तर पर भी कोई असर नहीं पड़ा।
अधिकारियों के मुताबिक, प्लांट की सभी जरूरी मशीनें और सिस्टम सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है, लेकिन ईरान पर शक जताया जा रहा है।
15 एलपीजी जहाज पहुंच चुके भारत
वहीं, ईरान जंग के बीच एक और एलपीली टैंकर होर्मुज पार कर भारत पहुंच गया है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर सिमी 20 हजार टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद अब तक 15 एलपीजी जहाज भारत पहुंच चुके हैं। टैंकर सिमी ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत आने वाला एलपीजी जहाज एमवी सनशाइन भी हाल ही में सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार कर चुका है।
होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान से बातचीत कर रहे कई देश
ईरान के एक थिंक-टैंक के प्रमुख हमीदरेजा गोलामजादेह ने दावा किया है कि कई देश होर्मुज से जहाजों की आवाजाही करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहे हैं। अल जजीरा से बातचीत में उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश, भले ही सार्वजनिक तौर पर अलग बयान दे रहे हों, लेकिन अंदरखाने ईरान से संपर्क कर रहे हैं ताकि उनके जहाज सुरक्षित तरीके से इस रास्ते से गुजर सकें।
उन्होंने दावा किया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ईरान से बातचीत की है। उनके मुताबिक, फ्रांस ईरान के तय नियमों के तहत इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करना चाहता है। गोलामजादेह ने कहा कि कई देशों के रणनीतिक तेल भंडार तेजी से कम हो रहे हैं, इसलिए उन्हें जल्द कोई समाधान निकालना जरूरी लग रहा है।

