फरीदाबाद: सरकार लोगों की मदद के लिए कई योजनाएं चलाती है. इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोग आवेदन भी करते हैं, लेकिन कई बार पात्र होने के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिलता है. किसी का आवेदन रिजेक्ट हो जाता है, तो किसी का पैसा मंजूरी मिलने के बाद भी खाते में नहीं पहुंचता है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर शिकायत कहां करें और अपनी समस्या का समाधान कैसे कराएं. लोकल18 ने फरीदाबाद के सेक्टर-12 कोर्ट के एडवोकेट मोहन तिवारी से इन सवालों के जवाब जाने.
सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलने के क्या हैं कारण?
एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि पात्र होने के बावजूद सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलने के कई कारण हो सकते हैं. आवेदन में कमी, दस्तावेजों की गड़बड़ी, बैंक खाते या केवाईसी में परेशानी हो सकती है. इसके अलावा, डीबीटी यानी सीधे बैंक खाते में पैसा भेजने की प्रक्रिया में तकनीकी या विभागीय समस्या भी हो सकती है.
योजना का लाभ नहीं मिलने पर कहां करें शिकायत?
एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि शिकायत के लिए संबंधित विभाग में जाना चाहिए. यह इस बात पर निर्भर करता है कि योजना किस विभाग से जुड़ी है. विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना या शौचालय योजना के लिए संबंधित विभाग में आवेदन देकर अपनी समस्या बता सकते हैं.
मंजूरी मिलने के बाद भी खाते में नहीं आया पैसा तो क्या करें?
एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि आवेदन मंजूर होने के बाद भी पैसा अटक सकता है. लाभार्थी सूची में नाम नहीं होना, दस्तावेजों में कमी, सत्यापन पूरा नहीं होना या विभागीय देरी इसकी वजह हो सकती है. ऐसी स्थिति में संबंधित विभाग में जाकर जानकारी लेनी चाहिए.
लाभार्थी सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?
मोहन तिवारी बताते हैं कि अगर लाभार्थी सूची में नाम नहीं है, तो संबंधित विभाग में जाकर इसका कारण पता करें. साथ ही, योजना की पात्रता से जुड़ी शर्तों को भी जांचें कि आप उसके दायरे में आते हैं या नहीं.
आवेदन रिजेक्ट होने पर कहां करें शिकायत?
एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि आवेदन रिजेक्ट होने पर संबंधित विभाग में लिखित शिकायत दें और रिजेक्ट होने का कारण पूछें. जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी या जिला स्तर के अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं.
शिकायत करते समय कौन से दस्तावेज रखें?
मोहन तिवारी बताते हैं कि शिकायत करते समय आवेदन की रसीद, आधार कार्ड और योजना से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपने पास रखें. इससे अधिकारियों को मामला समझने में मदद मिलेगी. शिकायत का समाधान कितने दिनों में होगा, यह संबंधित विभाग और मामले की प्रकृति पर निर्भर करता है. कई बार समाधान में दो से तीन महीने भी लग सकते हैं.
अधिकारी सुनवाई नहीं करें तो कहां करें शिकायत?
मोहन तिवारी बताते हैं कि अगर अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं, तो विभाग के बड़े अधिकारी को लिखित शिकायत दें. इसके अलावा, संबंधित विभाग के शिकायत पोर्टल पर भी अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं. केंद्र सरकार से जुड़ी शिकायतों के लिए सीपीग्राम्स पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है.

